काठमांडू। प्रतिनिधि सभा चुनाव के समानुपातिक मतगणना पूरा भइला के बाद देश के राजनीति में एगो बड़ बदलाव आ गइल बा। पुरान परंपरागत शक्ति के संतुलन टूट के नया समीकरण तैयार भइल बा।
निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ा अनुसार, राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) प्रत्यक्ष तर्फ १२५ आ समानुपातिक तर्फ ५७ सीट जीत के कुल १८२ सीट पा के संसद के सबसे बड़ा आ ताकतवर दल बन गइल बा। २७५ सदस्य वाला प्रतिनिधि सभा में दुई तिहाई बहुमत खातिर १८४ सीट चाहीं, बाकिर रास्वपा बस २ सीट पीछे बा। कुल गिरल मत में लगभग ४७.५ प्रतिशत मत रास्वपा अकेले पावलस, जे नेपाली राजनीति में वैकल्पिक शक्ति के ऐतिहासिक दबदबा के संकेत बा।
पुरान दलन के कड़का हार: कांग्रेस आ एमाले के शक्ति सिकुड़ल
ई चुनाव पुरान दल लोग खातिर बहुत भारी पड़ल। दोसरा सबसे बड़ा दल, नेपाली कांग्रेस, प्रत्यक्ष आ समानुपातिक मिलाके बस ३८ सीट पावलस, जे उनका पहिले के स्थिति के तुलना में ५० प्रतिशत से जादे घटल बा। उहें, नेकपा एमाले के हालत अउरी खराब बा। पहिले चुनाव में समानुपातिक तर्फ सबसे आगे रहल एमाले, एह बार प्रत्यक्ष में ९ आ समानुपातिक में १६ सीट पाके कुल २५ सीट पर सिमट गइल बा। नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी १७ सीट सुरक्षित कइले बा, जबकि राप्रपा ५ सीट लेले बा। मधेस केंद्रित दल जेसपा नेपाल आ जनमत पार्टी एह बार हार के सामना कइले, आ समानुपातिक थ्रेसहोल्ड भी पूरा ना कर पवले।
हर्क साम्पाङ के सरप्राइज एंट्री आ नया राष्ट्रीय दल के सूची
ई चुनाव में सबसे रोचक बात हर्क साम्पाङ नेतृत्व वाला ‘श्रम संस्कृति पार्टी’ के उदय बा। चार महीना पहिले बने वाला ई पार्टी प्रत्यक्ष तर्फ ३ आ समानुपातिक तर्फ ४ सीट पाके कुल ७ सीट पा के राष्ट्रीय दल के मान्यता हासिल कइले बा। एह बार के संसद में कुल ६ दल — रास्वपा, कांग्रेस, एमाले, नेकपा, श्रम संस्कृति पार्टी आ राप्रपा — राष्ट्रीय दल के हैसियत में मौजूद रहिहें। चुनाव आयोग ‘सेंट लग’ विधि से सीट बाँटफाँट के प्रक्रिया शुरू कइले बा आ जल्दीए ११० समानुपातिक सांसद के नामावलि तय होखे वाला बा।
शक्तिशाली सरकार के आधार आ संवैधानिक राह
रास्वपा के ई जनमत देश में लंबा समय से चले आवत अस्थिर राजनीति के अंत के संकेत दे रहल बा। दुई तिहाई के करीब पहुंचल रास्वपा अब छोट दल आ स्वतंत्र सांसद के सहयोग से एकलौटी जइसन शक्तिशाली सरकार बनावे के मजबूत आधार रखता। चुनाव आयोग दलन के तीन दिन के समय देके समानुपातिक सांसद के नाम सिफारिस करवइहें। ई प्रक्रिया पूरा भइला पर नया सांसद प्रमाणपत्र पाई आ शीतल निवास से नया सरकार गठन के औपचारिक आह्वान होई, जे नेपाल के शासन व्यवस्था में नया दिशा तय करे के उमेद बा।

