सरकार द्वारा विद्यार्थी संगठन खारिज करे के तैयारी के खिलाफ संयुक्त विद्यार्थी संगठन आंदोलन के घोषणा कइले बाड़ें। राजधानी में आयोजित पत्रकार सम्मेलन के माध्यम से ऊ लोग पहिला चरण के संघर्ष कार्यक्रम सार्वजनिक कइले बाड़ें।
सरकार के ‘100 शासकीय सुधार’ योजना में विद्यार्थी संगठन खारिज करे के बात शामिल भइला के बाद नाराज छात्र संगठन आंदोलन में उतर गइल बाड़ें।
घोषित कार्यक्रम अनुसार:
चैत 27: पत्रकार सम्मेलन पूरा भइल
चैत 29: नागरिक अगुवा लोग से बातचीत
चैत 30 से वैशाख 4 तक: देश के 77 जिला के कॉलेज में चर्चा आ अन्तरक्रिया
वैशाख 5: पूर्व विद्यार्थी नेता आ सांसद लोग से अन्तरक्रिया
वैशाख 7–9: प्रचार, बैनर, पर्चा वितरण, सांस्कृतिक आ बौद्धिक कार्यक्रम
वैशाख 11: विश्वविद्यालय के उपकुलपति के ज्ञापन पत्र
वैशाख 12: प्रमुख जिला अधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री के ज्ञापन
वैशाख 15: काठमांडू उपत्यका समेत देशभर में कॉपी–कलम लेके प्रदर्शन
सात बिंदु के मांग: संयुक्त विद्यार्थी संगठन सरकार के सामने शिक्षा आ राष्ट्रीय मुद्दा से जुड़ल 7 गो मांग रखले बाड़ें। एह में विश्वविद्यालय खातिर अलग सर्वर आ डाटा सेंटर बनावल, साइबर सुरक्षा नीति लागू कइल, तकनीक के सही निगरानी, उच्चस्तरीय आयोग के रिपोर्ट लागू कइल, हरित (इको–फ्रेंडली) क्याम्पस बनावल, समय पर परीक्षा परिणाम निकालल आ मौका परीक्षा के व्यवस्था, आ जर्जर शैक्षिक भवन के पुनर्निर्माण शामिल बा।
एह के अलावा कालापानी, लिपुलेक आ लिम्पियाधुरा मुद्दा पर सरकार के साफ धारणा सार्वजनिक करे, महंगाई नियंत्रण करे, 2046 के बाद के उच्च पदाधिकारी लोग के संपत्ति जांच करे, आ भदौ 23–24 के घटना के निष्पक्ष जांच करके दोषी लोग पर कार्रवाई करे के मांग भी कइल गइल बा।
विद्यार्थी संगठन चेतावनी देले बाड़ें कि अगर सरकार उनकर मांग के गंभीरता से ना लेई, त आगे अउरी कड़ा आंदोलन कार्यक्रम घोषित कइल जाई।

