वीरगंज। मधेस प्रदेश के प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य संस्था नारायणी अस्पताल में हाल के दिनन में सेवा, प्रबंधन, सफाई आ चिकित्सकीय अनुशासन में सुधार देखे के मिल रहल बा। अस्पताल प्रशासन आ मरीज दुनो ही ई बदलाव के संकेत बतावत बा।
अस्पताल के मेडिकल सुपरिन्टेन्डेन्ट डा. चितरंजन साह के अनुसार डॉक्टर, नर्स, तकनीकी कर्मचारी आ सफाई कर्मियन के काम करे के तरीका में साफ बदलाव आइल बा। एहसे ओपीडी सेवा अब ज्यादा व्यवस्थित हो गइल बा आ मरीजन के देखभाल आसान हो गइल बा।
पहिले डॉक्टर लोग समय पर ना आवत रहलें, बीच में निजी क्लिनिक चल जात रहलें आ सेवा बाधित होत रहल। बाकिर अब सख्ती से निगरानी आ हाजिरी व्यवस्था लागू होखे के बाद डॉक्टर लोग पूरा समय अस्पताल में रहत बा, अस्पताल प्रशासन ई जानकारी देले बा।
लगभग चार सौ से अधिक कर्मचारी वाला एह अस्पताल में हाजिरी प्रणाली कड़ा कइल गइल बा, जिम्मेदारी साफ-साफ बाँटल गइल बा आ नियमित निगरानी से सुधार में मदद मिलल बा। सफाई में भी खास सुधार देखे के मिल रहल बा, वार्ड आ ओपीडी के माहौल पहिले से बेहतर हो गइल बा, मरीज लोग के अनुभव बा।
हर दिन करीब 1200 मरीज आवे वाला ओपीडी सेवा में अब पहले से तेज आ व्यवस्थित सेवा मिल रहल बा। रिपोर्ट में देरी, दवाई वितरण आ जांच प्रक्रिया में भी सुधार भइल बा।
एहिसे साथे प्रसूति सेवा आ लैब सेवा में भी सुधार देखे के मिलल बा। आपातकालीन सेवा, उपकरण प्रबंधन आ कर्मचारी उपस्थिति में सुधार करके जोखिम कम करे के कोशिश हो रहल बा।
पहिले मरीज के निजी क्लिनिक भेजे आ कमीशन लेवे के आरोप भी लगत रहल। अब अइसन गतिविधियन पर रोक लगावे खातिर निगरानी व्यवस्था कड़ा कइल गइल बा।
सूचना अधिकारी डा. उदयनारायण सिंह के कहना बा कि मरीज लोग अब सेवा में “बड़ा सुधार” महसूस करे लागल बा। ऊ कहले कि अगर ई सुधार जारी रहल त नारायणी अस्पताल फेर से मधेस प्रदेश के भरोसेमंद आ प्रमुख स्वास्थ्य संस्था बन सकेला।
हालांकि, मरीज लोग के कहना बा कि एह सुधार के लंबे समय तक बनाए रखे खातिर लगातार निगरानी, पारदर्शिता आ कर्मचारी के जिम्मेदारी जरूरी बा।

