विशेष अदालत पोखरा के चर्चित “लिचीबारी जमीन मामला” में फँसल पूर्व मंत्री राजकुमार गुप्ता समेत सात जने के खिलाफ भ्रष्टाचार केस में गवाह आ सबूत पेश करे के आदेश देले बा।
अदालत के अध्यक्ष सुदर्शनदेव भट्ट आ सदस्य नारायणप्रसाद कोइराला अउर उमेश कोइराला के इजलास सोमार के ई आदेश जारी कइलस। अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग आरोप लगवले बा कि तत्कालीन संघीय मामिला आ सामान्य प्रशासन मंत्री गुप्ता आपन पद के दुरुपयोग करके आर्थिक फायदा उठवले रहलें, एह चलते उनकरा खिलाफ विशेष अदालत में केस दर्ज कइल गइल बा।
एह मामला में पूर्व मंत्री गुप्ता आ नागरिक उन्मुक्ति पार्टी के पूर्व अध्यक्ष आ पूर्व मंत्री रञ्जिता श्रेष्ठ पर मिलजुल के 78 लाख रुपया घूस लेवे के आरोप बा। जांच में ई बात सामने आइल कि कास्की के मालपोत कार्यालय के प्रमुख के तबादला रोकावे आ भूमि आयोग में नियुक्ति दिलावे के लालच देके घर-जमीन व्यवसायी से कई बेर में ई रकम वसूली कइल गइल।
अख्तियार द्वारा पेश कइल गइल ऑडियो बातचीत, बैंक लेन-देन के विवरण आ डिजिटल फोरेंसिक लैब के रिपोर्ट में आरोपियन के संलिप्तता के आधार मिलल, जेकरा बाद अदालत आगे के प्रक्रिया शुरू करे के फैसला कइलस।
एह भ्रष्टाचार मामला में दू पूर्व मंत्री के अलावा मालपोत कार्यालय कास्की के तत्कालीन प्रमुख रामचंद्र अधिकारी आ बिचौलिया के भूमिका निभावे वाला सुजनकुमार तामाङ, खमबहादुर पुन, यमकुमारी गुरुङ आ तुल्सीराम बुढामगर भी आरोपी बनावल गइल बा।
78 लाख रुपया के बिगो वाला एह केस में पोखरा महानगरपालिका–16 के दीप बिर्ता स्थित लिची बगान के जमीन विवाद मुख्य मुद्दा बनल बा। अब गवाह के बयान लेवे के अदालत के आदेश से ई हाई-प्रोफाइल भ्रष्टाचार मामला नया मोड़ ले सकेला।

