नेपाल के पूर्वराजा ज्ञानेन्द्र शाह कहले बाड़न कि राजनीति आ राज्य संचालन में युवा पीढ़ी के बढ़त भागीदारी एकदम उत्साहजनक बात बा।
नया साल २०८३ के मौका पर जारी शुभकामना संदेश में ऊ कहलन कि आधुनिक तकनीक के जानकारी रखे वाला, पढ़ल-लिखल आ देश के समझ रखे वाला युवा लोग के राजनीति में आवे से देश के विकास में बहुत फायदा हो सकेला। उनकर मानना बा कि ऊर्जा आ क्षमता से भरल युवा पीढ़ी देश के आगे बढ़ावे में अहम भूमिका निभा सकेले।
ऊ कहलन, “राजनीति आ राज्य संचालन के गतिविधि में युवा पीढ़ी के संलग्नता बढ़त जाना खुशी के बात बा,” आ जोर देलन कि देश के विकास खातिर दक्ष आ ऊर्जावान पीढ़ी के योगदान बहुत जरूरी बा।
हालांकि, पूर्वराजा शाह नेपाल के विकास के गति पर चिंता भी जतवले बाड़न। उनका अनुसार, बीतल कुछ साल में देश के विकास उम्मीद के मुताबिक ना बढ़ पवल बा। राजनीतिक आ प्रशासनिक व्यवस्था में कई बदलाव भइल, बाकिर ऊ बदलाव से ठोस नतीजा ना निकलल, एह तरह के सोच आम जनता में बन गइल बा।
ऊ कहले, “पिछला कुछ साल में विकास के नजरिया से नेपाल अउरी पीछे चल गइल, एह तरह के आम भावना बन गइल बा। राजनीतिक आ प्रशासनिक सिस्टम में बहुत बदलाव भइल, बाकिर ऊ बदलाव खाली कागज तक सीमित रह गइल।”
साथ ही, ऊ इहो टिप्पणी कइले बाड़न कि देश अभी ले “प्रयोग आ अभ्यास” के स्थिति में ही फँसल बा, जेकरे चलते विकास अपेक्षित रूप से आगे ना बढ़ पावत बा।

