नेपाल पत्रकार महासंघ सरकार के ओह फैसला के कड़ा विरोध कइले बा, जवन में सरकारी विज्ञापन खाली सरकारी मीडिया में देवे के बात कहल गइल बा। महासंघ एह नीति के ‘भेदभावपूर्ण’ आ ‘प्रेस स्वतंत्रता पर अप्रत्यक्ष नियंत्रण’ बतावत देशभर में आंदोलन के घोषणा कइले बा।
मकवानपुर के हेटौँडा में चैत २८ आ २९ गते भइल केन्द्रीय समिति के बैठक से १७ बिंदु वाला ‘हेटौँडा घोषणापत्र–२०८२’ जारी कइल गइल। एहमें बालेन्द्र शाह के नेतृत्व वाला सरकार के मीडिया विरोधी कदम के कड़ा विरोध करे के फैसला लिहल गइल बा।
सरकार चैत १८ गते सब मंत्रालय, प्रदेश आ स्थानीय तह के निर्देश देले रहे कि विज्ञापन खाली सरकारी मीडिया में दिहल जाव। महासंघ कहले बा कि ई फैसला संविधान, कानून आ खुला बाजार के सिद्धांत के खिलाफ बा। महासचिव रामप्रसाद दाहाल के अनुसार, एह नीति से ४ सय से अधिक रेडियो, अखबार, टीवी आ ऑनलाइन मीडिया के आर्थिक आधार कमजोर हो जाई, जवन से हजारों पत्रकार आ कर्मचारी के रोजी-रोटी पर संकट आ जाई।
महासंघ के कहना बा कि सरकार निजी मीडिया के आर्थिक रूप से कमजोर बनाके स्वतंत्र पत्रकारिता पर दबाव बनावे आ ‘सेल्फ सेन्सरसीप’ बढ़ावे के कोशिश करत बा। दूर-दराज इलाका में मीडिया बंद होखे से जनता के सूचना पावे के अधिकार भी प्रभावित होई। एह चलते महासंघ सरकार से ई परिपत्र तुरंत रद्द करे आ समानुपातिक विज्ञापन प्रणाली लागू करे के मांग कइले बा।
प्रेस स्वतंत्रता आ श्रम अधिकार के रक्षा
घोषणापत्र में नया सरकार के बधाई देत मीडिया मैत्री नीति बनावे के आग्रह कइल गइल बा। सिंहदरबार में पत्रकारन के प्रवेश पर रोक-टोक आ सूचना संकलन में बाधा पर महासंघ कड़ा विरोध जतवले बा।
महासंघ ओह मीडिया संस्थानन के भी चेतावनी देले बा, जे आर्थिक संकट के बहाना बना के पत्रकारन के वेतन ना देत बा या उनकरा के अपमानजनक तरीका से निकाल देत बा। श्रमजीवी पत्रकारन के सामाजिक सुरक्षा कोष में जोड़ल जाए खातिर राष्ट्रीय अभियान चलावे के बात कहल गइल बा।
आंदोलन आ आगे के योजना
महासंघ कानूनविद, पेशागत संगठन, मीडिया संचालक आ अंतरराष्ट्रीय संस्था सभ से मिलके सरकार पर दबाव बनावे के योजना बनवले बा। साथे, यूट्यूब जइसन नया मीडिया प्लेटफॉर्म के भी आचार संहिता में लावे के पहल होई।
साधारण सभा के मिति तय
बैठक में जिला, प्रदेश आ केन्द्र स्तर के साधारण सभा के मिति भी तय कइल गइल बा। जिला सभा वैशाख १० से जेठ १० तक, प्रदेश सभा जेठ ११ से ३१ तक आ केन्द्रीय सभा कुवार महीना में होई।
महासंघ मकवानपुर गढ़ी आ हेटौँडा औद्योगिक क्षेत्र के बंद उद्योग दुबारा चालू करे, आ जलवायु संकट से निपटे खातिर प्रभावकारी कानून बनावे के भी सरकार से मांग कइले बा। हेटौँडा घोषणापत्र के माध्यम से महासंघ साफ कहले बा कि प्रेस स्वतंत्रता के रक्षा खातिर ऊ कवनो कीमत पर पीछे ना हटे वाला बा।

