वीरगञ्ज । पर्सा राष्ट्रीय निकुञ्ज में वन्यजन्तु संरक्षण के अउरी मजबूत बनावे खातिर उद्धार केन्द्र के संचालन शुरू कइल गइल बा। ३१वाँ वन्यजन्तु सप्ताह २०८३ के मौका पर आयोजित कार्यक्रम में सरोकार वाला लोग संगे अन्तरक्रिया करत संरक्षण अभियान के प्रभावी बनावे के प्रतिबद्धता जतावल गइल।
“सुरक्षित आदमी, संरक्षित वन्यजन्तु” के मूल संदेश संगे स्थापित एह उद्धार केन्द्र से घाइल, बस्ती में घुस आइल या जोखिम में पड़ल जंगली जन्तु सभ के तुरन्त उद्धार, इलाज आ फेर से प्राकृतिक आवास में बसावे में महत्वपूर्ण भूमिका निभावे के उम्मीद जतावल गइल बा, निकुञ्ज प्रशासन बतवलस।
निकुञ्ज के वरिष्ठ संरक्षण अधिकृत रामचन्द्र खतिवडा कहलन कि संरक्षण अभियान में स्थानीय समुदाय के बढ़त भागीदारी एगो सकारात्मक संकेत बा। उ कहलन कि विकास आ संरक्षण के बीच संतुलन बनावल आज के सबसे जरूरी बात बा।
उद्धार केन्द्र (हात्तीसार) के उद्घाटन राजन पौडेल कइलन। उ स्थानीय तह आ निकुञ्ज के बीच सहकार्य के अउरी मजबूत करे पर जोर देत कहलन कि जरूरत पड़ला पर नगर प्रहरी आ पशु चिकित्सक के माध्यम से सहयोग उपलब्ध करावल जाई।
कार्यक्रम में शामिल लोग मानव–वन्यजन्तु द्वन्द्व कम करे, अवैध सिकार पर नियन्त्रण करे आ प्राकृतिक स्रोत के दिगो उपयोग पर खास ध्यान देवे के बात रखलस। एही संगे सञ्चारकर्मी सभ से आग्रह कइल गइल कि ऊ लोग तथ्यपरक आ जिम्मेदार खबरदारी के माध्यम से संरक्षण के संदेश जनता तक पहुँचावे लोग।
अन्तरक्रिया से पहिले सञ्चारकर्मी सभ के निकुञ्ज क्षेत्र के स्थलगत अवलोकन करावल गइल, जवन से संरक्षण के प्रयास आ चुनौती सभ के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी मिले में मदद मिलल, आयोजक बतवलस।

