वीरगंज । नेपाल पत्रकार महासंघ जिल्ला समिति, वीरगंज–पर्सा सरकारी विज्ञापन के सिर्फ सरकारी संचार माध्यम में सीमित करे के सरकार के निर्णय पर कड़ा आपत्ति जतवले बा आ प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन पत्र बुझवले बा। प्रमुख जिल्ला अधिकारी भोला दहाल के मार्फत ई ज्ञापन पत्र पेश कइल गइल।
महासंघ के कहना बा कि एह तरह के निर्णय लोकतांत्रिक मूल्य–मान्यता के खिलाफ बा आ संचार क्षेत्र के रोजगार संकट में डाल सकेला। ओह लोग के अनुसार विज्ञापन वितरण सीमित होखला से निजी आ सामुदायिक संचार माध्यम कमजोर हो जइहें, सूचना के पहुँच में असमानता बढ़ी आ नागरिक लोग के सूचना पावे के अधिकार प्रभावित हो सकेला।
देश भर में चल रहल चार सौ से अधिक रेडियो, अखबार, टेलीविजन आ अनलाइन माध्यम मुख्य रूप से विज्ञापन पर निर्भर बा। एही से अइसन निर्णय से हजारों पत्रकार आ संचारकर्मी के रोजगार पर खतरा पैदा हो सकेला, अइसन चिंता महासंघ जतवले बा।
महासंघ ई कदम के खुला बजार अर्थव्यवस्था आ प्रतिस्पर्धात्मक प्रणाली के भावना के खिलाफ बतावत बा आ एकरा के राज्य–नियंत्रित सूचना प्रणाली के ओर बढ़े के संकेत मानत बा।
एह संदर्भ में महासंघ चार सूत्रीय मांग रखले बा—
चैत १८ गते के जारी परिपत्र तुरंत खारिज कइल जाव
सरकारी विज्ञापन वितरण के पारदर्शी, समानुपातिक आ समावेशी बनावल जाव
संकट में पड़ल संचार क्षेत्र के संरक्षण खातिर दीर्घकालीन नीति बनावल जाव
संचार से जुड़ल निर्णय में सरोकारवाला से अनिवार्य परामर्श कइल जाव
महासंघ के जिल्ला अध्यक्ष ओमप्रकाश खनाल, केसि लामिछाने, श्याम बन्जारा, युबराज खडका लगायत पदाधिकारी आ सदस्य लोग के उपस्थिती में ज्ञापन पत्र बुझावल गइल। पत्रकार लोग सरकार से आपन मांग जल्द पूरा करे के आग्रह कइले बा।

