काठमाडौं । नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के नेता भीम रावल राजदूत नियुक्ति खातिर खुला विज्ञापन प्रणाली अपनावे के सरकारी प्रस्ताव के कड़ा विरोध कइले बाड़न। रास्वपा नेतृत्व वाला सरकार द्वारा राजदूत चयन में खुला प्रतिस्पर्धा लागू करे के चर्चा के बीच ऊ आपन असहमति जाहिर कइले।
रावल के कहना बा कि दुनिया के कवनो देश राजदूत जइसन संवेदनशील पद पर विज्ञापन से नियुक्ति नइखे करत। उनकर मुताबिक ई कदम कूटनीतिक नजरिया से ठीक ना होई।
ऊ बतवले कि राजदूत खाली प्रशासनिक पद ना ह, बल्कि ई राजनीतिक आ कूटनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़ल जिम्मेदारी ह। एह पद खातिर राष्ट्रीय हित, सुरक्षा, व्यापार आ अन्तर्राष्ट्रीय संबंध के गहिर समझ बहुत जरूरी होला।
रावल कहले, “राजदूत विदेश में देश के प्रतिनिधित्व करे वाला व्यक्ति होला। उनकरा में देशभक्ति, इमानदारी आ विषय के अच्छा जानकारी अनिवार्य बा। अगर विज्ञापन से चयन करे के बा, त सरकारी सेवा में प्रशिक्षित आ अनुभवी लोग में से ही चुनल जा सकेला।”
ऊ एह नीति के सस्ता लोकप्रियता खातिर लावल कदम बतावत आपत्ति जतवले। उनका अनुसार राजदूत नियुक्ति कवनो सामान्य नौकरी के प्रक्रिया ना ह, आ एहके हल्का में ना लेवे के चाहीं।
ऊ आगे चेतावनी देले कि “नेपाल जइसन संवेदनशील भूराजनीतिक स्थिति में एह तरह के प्रयोग से कूटनीति कमजोर हो सकेला।”
रावल के राय बा कि पहिले के कमजोरी सुधारत, योग्य, सक्षम आ साफ छवि वाला व्यक्ति के परम्परागत आ अन्तर्राष्ट्रीय मान्यता अनुसार राजदूत बनावल ही सही तरीका होई।

