सरकार अगिला आर्थिक साल २०८३/८४ खातिर १८ खरब ९० अरब रुपइया के बजट सीमा (सिलिङ) तय कइले बा, आ साथे-साथे स्रोत के अधिकतम इस्तेमाल करे आ फालतू खर्चा घटावे के रणनीति अपनवले बा।
अर्थ मंत्रालय के सचिव घनश्याम उपाध्याय संसदीय अर्थ समिति के बैठक में जानकारी देले कि राष्ट्रीय स्रोत अनुमान समिति देश के मौजूदा आर्थिक हालत, उपलब्ध स्रोत आ खर्च के जरूरत के ध्यान में रखके ई सीमा तय कइले बा।
तय कइल गइल सिलिङ के भीतर रहके बजट प्रस्ताव देवे खातिर सभे मंत्रालय आ निकायन के निर्देश दे दिहल गइल बा। अभी अर्थ मंत्रालय हर मंत्रालय संगे अलग-अलग बैठक क के बजट के प्राथमिकता, उत्पादन वाला क्षेत्र में निवेश आ अधूरा परियोजना पूरा करे पर चर्चा करत बा।
चालू आर्थिक साल में पूँजीगत खर्चा सिर्फ २६ प्रतिशत आ राजस्व संकलन लक्ष्य के करीब ६० प्रतिशत ही पूरा हो पवला के चुनौतीपूर्ण स्थिति में सरकार वित्तीय बोझ कम करे खातिर ३९ गो गैरजरूरी संरचना आ ३०० से ज्यादा पद (दरबंदी) खत्म करे के बड़ा कदम उठवले बा।
आगामी बजट में १५ गो गैरजरूरी कानून के खारिज कइल जाई, आ वित्तीय अनुशासन के अउरी कड़ा बनावत नया परियोजना जोड़ला के बजाय पुरान आ परिणाम देवे वाला परियोजना के पूरा करे पर जोर दीहल जाई।

