करीब दू दशक से बंद रहल हेटौंडा कपड़ा उद्योग में पुरान तान (लुम) फेरू चल पड़े बा। उद्योग के भीतर के पुरान मशीन आ तान के मर्मत के बाद शनिचर के दिन परीक्षण उत्पादन शुरू कइल गइल।
प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के निजी सचिव प्रदीप परियार के मुताबिक, नेपाली सेना के नेतृत्व में उद्योग के पुरान मशीन आ तान के ठीक क के परीक्षण उत्पादन शुरू कइल गइल बा। लमहर समय से बंद मशीन चालू भइला के बाद उद्योग परिसर में फेर कपड़ा बुनाई के “खटखट” आवाज सुनाई देवे लागल बा, ई जानकारी ऊ सोशल मीडिया पर देले बाड़ें।
उद्योग के फेर से चालू करे खातिर लमहर समय से कोशिश होत रहल, अब ऊ परीक्षण उत्पादन के चरण में पहुँच गइल बा। नेपाली सेना के जनरल के नेतृत्व में मशीन सभ के मर्मत क के फेर से चालू कइल गइल बा।
लमहर समय बंद रहला से उद्योग के मशीन, बिजली सिस्टम आ भौतिक संरचना काफी जीर्ण हो गइल रहल। हाल के समय में सफाई, बिजली मर्मत आ मशीन परीक्षण के काम आगे बढ़ावल गइल।
उद्योग संचालन पर बनल अध्ययन कार्यदल सरकार के सुझाव देले रहल कि पहिले परीक्षण उत्पादन कइल जाए, ओकर परिणाम के आधार पर आगे पूरा क्षमता में उद्योग चलावल जाए। उद्योग के बिजली सिस्टम के मर्मत के काम भी पूरा हो चुकल बा।
सरकार १८ असार के हेटौंडा कपड़ा उद्योग फेर से चालू करे के फैसला कइले के बाद ई काम आगे बढ़ल। उद्योग मंत्री गौरीकुमारी यादव कहले रहली कि हेटौंडा कपड़ा उद्योग के प्राथमिकता में राख के फेर से चालू कइल जाई, आ साथे बुटवल धागा कारखाना आ कपास खेती के भी बढ़ावा दिहल जाई।
२०५७ साल से बंद रहल
चीन सरकार के आर्थिक आ तकनीकी सहयोग से २०३२ साल में ई उद्योग स्थापित भइल रहे आ २०३५ से व्यावसायिक उत्पादन शुरू भइल। बाकिर २०५७ साल से ई उद्योग बंद पड़ल बा।
पहिले भी कई बेर सरकार उद्योग चालू करे के कोशिश कइले रहे। २०७३ में अध्ययन समिति बनल, २०७५ में रिपोर्ट आइल कि करीब ३० करोड़ रुपइया खर्च से उद्योग चालू हो सकेला।
परीक्षण के बाद दीर्घकालीन योजना
परीक्षण उत्पादन शुरू होना एक बड़ कदम ह, बाकिर उद्योग के लंबे समय तक टिकाऊ आ प्रतिस्पर्धी बनावल अभी चुनौती बा। पुरान मशीन, लागत आ निजी क्षेत्र से मुकाबला के मुद्दा अबहियो सामने बा।
विशेषज्ञ लोग के कहना बा कि आधुनिक तकनीक बिना प्रतिस्पर्धा मुश्किल होई, आ नया तकनीक में भारी निवेश के जरूरत पड़ी। साथे कपास, धागा आ कच्चा माल के नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करे के भी जरूरत बा।
प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह कहले बाड़ें कि परीक्षण उत्पादन के जिम्मेदारी नेपाली सेना के देहल गइल बा, आ बाद में सरकार खुद उद्योग संचालन करी।
अब तान फेर से चले लागल बा आ थोड़ा-बहुत कपड़ा उत्पादन भी शुरू हो गइल बा, एहसे हेटौंडा कपड़ा उद्योग के फेर से जिंदा होखे के उम्मीद बढ़ गइल बा।

