काठमांडू । नेपाली कम्युनिष्ट पार्टी के संयोजक पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचण्ड’ कहलन कि संविधानसभा से जारी संविधान के उपलब्धियन के जनता के जीवनस्तर से जोड़ल आ बाकी रहल काम पूरा कइल आज के मुख्य दायित्व ह।
संविधान दिवस २०८३ के अवसर पर आज शुभकामना संदेश जारी करत संयोजक दाहाल कहलन कि संविधान में परिकल्पना कइल गइल वास्तविक बदलाव हासिल करे खातिर सभ राजनीतिक आ सामाजिक शक्तियन के एकजुट प्रयास जरूरी बा।
उहाँ कहलन कि संविधान, संघीय लोकतान्त्रिक गणतंत्र आ जनता के त्याग आ संघर्ष से मिलल अधिकारन के पीछे ले जाए के कवनो भी कोशिश स्वीकार ना होई। संविधान के मूल्य आ जनअधिकार के कमजोर करे वाला गतिविधियन के खिलाफ लोकतान्त्रिक शक्तियन के एकजुट होखे के जरूरत बा।
शुभकामना संदेश में कहल गइल बा, “राजनीतिक बदलाव के अब आर्थिक–सामाजिक रूपान्तरण से जोड़त शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगारी, उत्पादन आ समान अवसर में सभ नागरिक के पहुँच सुनिश्चित करे के चाहीं। संविधान के खाली अक्षर ना, बलुक एकर भावना के जनता के रोजमर्रा के जिनगी में महसूस होखे वाला ढंग से पूरा रूप से लागू करे के चाहीं।”
संयोजक दाहाल ईहो स्पष्ट कइले कि संविधान खाली एगो कानुनी दस्तावेज ना ह, बलुक नेपाली जनता के लमहर त्याग, तपस्या आ बलिदान से हासिल ऐतिहासिक राजनीतिक उपलब्धि के संस्थागत अभिव्यक्ति ह।

