काठमांडू। प्रतिनिधि सभा के चुनाव के अंतिम नतीजा जारी होखते देश में नया सत्ता के हलचल बढ़ गइल बा।
एही क्रम में राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) के सभापति रवि लामिछाने आ नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के संयोजक पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचंड’ के बीच फोन पर बातचीत भइल बा। दुनु नेता आपस में चुनाव में मिलल सफलता खातिर बधाई आदान-प्रदान कइले बाड़न।
हालाँकि, रास्वपा के वरिष्ठ नेता बालेन शाह आ प्रचंड के बीच भेंट भइल बा एही के खबर जेसे फैलल, ओकरा के नेकपा के स्रोत खंडित कइले बा। नेकपा के केंद्रीय कार्यालय सचिव गोविन्द आचार्य के कहना बा कि बालेन के साथ अबहीं तक कवनो औपचारिक भेंट या बातचीत ना भइल बा।
राजनीतिक भेंटघाट के दौरान आज एगो महत्वपूर्ण दृश्य देखे के मिलल। चुनाव के बाद पहली बेर नेकपा एमाले के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली आ नेकपा के संयोजक प्रचंड के बीच सीधे भेंट भइल बा। ओली के पिता मोहनप्रसाद के निधन पर श्रद्धांजलि देवे खातिर प्रचंड आज बिहान भक्तपुर के नेपाल–कोरिया मैत्री अस्पताल गइल रहले, आ ओहिजा दुनु नेता के बातचीत भइल। लंबा समय के राजनीतिक दूरी आ चुनाव के कड़ा प्रतिस्पर्धा के बाद भइल ई भेंट राजनीतिक जगत में काफी महत्व के माने जात बा। हालांकि, सचिव आचार्य के साफ कहनाम बा कि ई भेंट मानवीय संवेदनाके आधार पर भइल, राजनीतिक मामला पर गहिराई से बातचीत ना भइल।
पिछला राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर डालल जाव त प्रचंड नया आ पुरान दूनो ताकत के साथ संबंध के सेतु जोड़ला के कोशिश करत बाड़न। एक तरफ रास्वपा सभापति रवि के फोन बातचीत, आ दोसरा तरफ ओली से आकस्मिक भेंट भविष्य के सत्ता समीकरण खातिर दरवाजा खुला राखे के संकेत करत बा। रोचक बात ई बा कि चुनाव के बाद प्रचंड आ नेपाली कांग्रेस के सभापति गगन थापा के बीच अबहीं तक कवनो प्रकार के बातचीत या भेंट ना भइल बा।
बहुमत के नजदीक पहुंचल रास्वपा आ अस्तित्व बचावे खातिर संघर्षरत पुरान दलन के बीच ई खींचतान आगामी सरकार गठन के प्रक्रिया के काफी रोचक बनावे वाला बा।

