काठमांडू । अमेरिका–इजरायल आ इरान बीच बढ़त तनाव के चलते दुनिया भर में इंधन संकट गहराए लागल बा। एही कारण श्रीलंका सरकार इंधन बचावे खातिर हफ्ता में एक दिन अतिरिक्त छुट्टी देवे के घोषणा कइले बा।
इंधन के कमी के आशंका होत ही श्रीलंकाई सरकार हर बुध के दिन सार्वजनिक संस्थान, स्कूल आ विश्वविद्यालय बंद रखे के फैसला कइले बा। हर्मुज जलघाँटी में बाधा के चलते तेल सप्लाई प्रभावित भइल बा आ अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गइल बा। एही स्थिति के देखते राष्ट्रपति अनुर कुमार दिसानायके चार दिन के कार्यसप्ताह लागू करे के रणनीति सामने रखले बाड़न।
हालांकि स्वास्थ्य आ आप्रवासन जइसन जरूरी सेवा चालू रही। इंधन बचावे के प्रयास में श्रीलंका अकेला नइखे। थाइल्याण्ड सरकार ऑफिस में एसी के इस्तेमाल घटावे खातिर कर्मचारी लोग के कोट–सूट छोड़के आधा बांह के टी-शर्ट पहिरे के सलाह दिहले बा।
म्यानमार निजी गाड़ी कम करे खातिर जोर–बिजोर सिस्टम लागू कइले बा, जबकि बंगलादेश ऊर्जा बचावे खातिर विश्वविद्यालय में छुट्टी आगे बढ़ावत बिजली कटौती शुरू कइले बा। फिलिपिन्स में राष्ट्रपति फर्डिनान्ड मार्कोस जुनियर सरकारी कर्मचारी के घर से काम करे के प्रोत्साहन देत अनावश्यक यात्रा पर रोक लगवले बाड़न।
एहिसे अलावा इंधन महंगाई से प्रभावित किसान आ मछुआरा लोग खातिर नकद सहायता देवे के घोषणा भी कइल गइल बा। ओने भियतनाम अपना नागरिकन से निजी गाड़ी छोड़के साइकिल आ सार्वजनिक यातायात इस्तेमाल करे के अपील करत बा।
श्रीलंका इंधन वितरण व्यवस्थित करे खातिर “नेशनल फ्यूल पास” सिस्टम फिर से लागू कइले बा, जवन 2022 के आर्थिक संकट के समय इस्तेमाल भइल रहल। एह योजना के तहत कार खातिर 15 लीटर आ मोटरसाइकिल खातिर 5 लीटर के सीमा तय कइल गइल बा। हालांकि एहसे कुछ असंतोष भी देखे के मिलत बा, बाकिर सरकार एके जरूरी कदम मानत बा।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़त तनाव से पैदा भइल ई ऊर्जा संकट अब पूरा एशिया के अर्थव्यवस्था पर असर डाल रहल बा आ देशन के मजबूर करत बा कि ऊ किफायती आ वैकल्पिक उपाय अपनावें।

