काठमाडौं: समानुपातिक निर्वाचन प्रणाली से प्रतिनिधिसभा में ५ गो अपांगता वाला सांसद चुनल गइल बा।
राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी के ओर से गंगा छन्त्याल आ रमेश प्रसाईं, नेपाली कांग्रेस से मदनकृष्ण श्रेष्ठ, नेकपा एमाले से एशुदा कुमारी बराल आ नेपाली कम्युनिष्ट पार्टी से प्रेम बहादुर बयक प्रतिनिधि सभा सदस्य बनल बाड़े।
एमें से रमेश प्रसाईं खस आर्य पुरुष क्लस्टर से समानुपातिक सांसद बनल बानी, जबकि बाकी ४ गो अपांगता क्लस्टर से चुनल गइल बाड़े।
पूर्व सांसद आ अधिकारकर्मी प्रकाश पन्थ कहले बानी कि समानुपातिक प्रणाली से अपांगता वाला व्यक्तियन के प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होखल समावेशी लोकतंत्र के महत्वपूर्ण नीतिगत उपलब्धि ह। ई कदम प्रतिनिधिसभा, राष्ट्रिय सभा आ सातो प्रदेश में अपांगता वाला व्यक्तियन के अर्थपूर्ण आ प्रभावकारी सहभागिता बढ़ावे में मददगार बा।
कुछ महीना पहिले राष्ट्रिय लोकतान्त्रिक अपांग संघ के पहल पर अध्यक्ष माधव प्रसाद चम्लागाईं, पूर्व अध्यक्ष आ हाल नेपाली कांग्रेस के केन्द्रीय सदस्य प्रकाश पन्थ, संघ के उपाध्यक्ष अनिता घिमिरे आ महामन्त्री गणेश केसी के ओर से सर्वोच्च अदालत में रिट दायर भइल रहे। अदालत सुनवाई के बाद अपांगता वाला व्यक्तियन के प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करे खातिर निर्वाचन आयोग आ संबंधित निकाय के जरूरी व्यवस्था करे के आदेश दिहलस।
ए आदेश के प्रभाव से अब राजनीतिक दल प्रतिनिधिसभा के समानुपातिक सूची में कम से कम एक गो अपांगता वाला व्यक्तियन के अनिवार्य रूप से समावेश करे लागल बा। पन्थ के अनुसार ई समावेशी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करे में महत्वपूर्ण नीतिगत सुधार ह।
उहो बतवले कि समावेशी लोकतंत्र खातिर अपांगता वाला व्यक्तियन के प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करे के विषय पर अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार मापदंड आ संयुक्त राष्ट्र संघ के अपांगता वाला व्यक्तियन के अधिकार संबंधी महासंधि भी जोर देले बा, जवना से राजनीतिक आ सार्वजनिक जीवन में समान सहभागिता के अधिकार राज्य पर लागू होखेला।

