दुनिया अब दूसरा विश्वयुद्ध के बाद के सबसे हिंसात्मक दौर से गुजर रहल बा, खासकर मध्यपूर्व के संघर्ष के चलते आम नागरिक के जिनगी पर गम्भीर असर पड़त बा, ई बात संयुक्त राष्ट्र संघ के एगो उच्च अधिकारी बतवले बाड़न।
संयुक्त राष्ट्र संघ के परियोजना सेवा कार्यालय के कार्यकारी निर्देशक जोर्ज मोरेइरा दा सिल्भा कहले बाड़न कि हिंसा आ अस्थिरता के कारण बहुत लोग आपन घर-बार छोड़ के भाग रहल बा आ ई संख्या हर घण्टा बढ़त जा रहल बा।
उ कहले कि मध्यपूर्व के संघर्ष सीमाना पार करत अब दुनिया के अर्थतंत्र पर भी असर डाल रहल बा। तेल, इंधन आ गॅस के कीमत में तेज वृद्धि से ई प्रभाव विश्वव्यापी रूप से महसूस होत बा। खासकर एशिया आ अफ्रीका के विकासशील देश ई से सबसे ज्यादा प्रभावित होखत बाड़ें।
मोरेइरा दा सिल्भा आगाह कइले बाड़न कि एह साल दुनिया भर में भुखमरी के समस्या अउरी गंभीर हो सकेला आ प्रभावित लोग के संख्या करोड़ों तक बढ़ सकेला।
संयुक्त राष्ट्र संघ सब पक्ष से सुरक्षा परिषद के निर्णय लागू करे आ कूटनीतिक आ शान्तिपूर्ण उपाय से संघर्ष खतम करे के अपील कइले बा।
ई कार्यालय अब तक दुनिया के १०० से ज्यादा देश में परियोजना प्रबंधन, खरीदारी आ पूर्वाधार विकास संबंधी सेवा प्रदान करत आइल बा।

