रूपन्देही। नेपाल के संघीय राजनीति में भाषा आ पहचान के एक खास उदाहरण सामने आइल बा। रूपन्देही क्षेत्र नम्बर 4 से प्रतिनिधि सभा सदस्य बन के चुनाइल कन्हैया बनिया अब अपन पद आ गोपनीयता के शपथ भोजपुरी भाषा में लेवे के फैसला कइले बाडें।
राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) से सांसद बनिया के ई कदम उनकर मातृभाषा प्रति गहरा सम्मान आ लगाव के दर्शावेला। संघीय संसद सचिवालय से मिलल समयसीमा के भीतर ऊ आधिकारिक रूप से बतवले बाडें कि ऊ शपथ भोजपुरी में ही लीहें।
ई पहिलका मौका ना हवे। एहसे पहिले 2079 साल के चुनाव में जब ऊ लुम्बिनी प्रदेश सभा सदस्य बन के जीतल रहलन, त ऊ ओह बखत भी भोजपुरी भाषा में ही शपथ लिहले रहलन। अब संघीय संसद में भी ऊ अपना परम्परा के जारी रखत मातृभाषा के सम्मान देवे जा रहल बाडें।
संघीय संसद सचिवालय नेपाली के अलावा दोसरा मातृभाषा में शपथ लेवे चाहत सांसद लोग खातिर सोमबार तक नाम दर्ज करावे के समय देले रहल। एह व्यवस्था के मकसद देश के बहुभाषिकता के सम्मान देहल आ जनप्रतिनिधियन के अपना संस्कृति से जोड़ के रखल, हवे।
वितल फागुन 21 गते भइल चुनाव से चुनाइल प्रतिनिधि सभा सदस्यन के शपथ ग्रहण कार्यक्रम चैत 12 गते खातिर तय कइल गइल बा। एह समारोह में वरिष्ठ सदस्य अर्जुन नरसिंह केसी नव-निर्वाचित सांसदन के पद आ गोपनीयता के शपथ दिलइहें।
कन्हैया बनिया के ई फैसला उनका क्षेत्र के जनता खातिर गर्व के विषय बन गइल बा। साथे ही ई पूरा देश में मातृभाषा के संरक्षण आ सम्मान के दिशा में एक मजबूत संदेश देत बा।

