पूर्वप्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली आ पूर्व गृहमन्त्री रमेश लेखक द्वारा दायर कइल गइल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर आज सर्वोच्च अदालत में सुनवाई होखे जा रहल बा। विपक्षी पक्ष से लिखित जवाब पहिले ही मिल चुकल बा, एह चलते आज दुनो याचिका पर बहस खातिर पेशी तय कइल गइल बा।
‘जेनजी’ आंदोलन से जुड़ल घटना के छानबीन खातिर बनावल गइल गौरीबहादुर कार्की आयोग के रिपोर्ट लागू करे के सरकार के फैसला के बाद पुलिस उनकरा लोग के चैत १४ गते गिरफ्तार कइले रहे। एह गिरफ्तारी के गैरकानूनी बतावत दुनो नेता चैत १५ गते सर्वोच्च अदालत में अलग-अलग बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कइले रहलें।
एहसे पहिले चैत १६ गते भइल शुरुआती सुनवाई में सर्वोच्च अदालत के अलग-अलग इजलास सरकार से ‘कारण देखाव’ आदेश जारी कइले रहे। ओही आदेश के आधार पर सरकार के तरफ से लिखित जवाब अदालत में जमा हो चुकल बा।
अदालती सूत्रन के मुताबिक, अब मुकदमा के सगरी प्रक्रियागत काम पूरा हो चुकल बा, एह चलते आज दुनो याचिका पर पूरा सुनवाई होई। आज के बहस में दुनो पक्ष के वकील गिरफ्तारी के वैधानिकता आ कानूनी आधार पर आपन-आपन दलील पेश करी।
सरकार कार्की आयोग के रिपोर्ट में बतावल गइल आरोप आ सिफारिश के आधार पर उच्च स्तर के नेता लोग पर कार्रवाई शुरू कइले बा। बाकिर प्रमुख विपक्षी दल आ दोसरा सरोकार वाला लोग एह कार्रवाई के राजनीतिक प्रतिशोध बतावत आ रहल बा।
आजु के सुनवाई के बाद सर्वोच्च अदालत एह बात पर महत्वपूर्ण फैसला दे सकेला कि दुनो नेता के हिरासत से रिहा कइल जाव कि जांच खातिर हिरासत में रखे के अनुमति दिहल जाव। राजधानी में सुरक्षा के ध्यान में रखत अदालत परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ा कर दिहल गइल बा।

