सरकार राजनीतिक भागबण्डा के आधार पर अलग-अलग देश में नियुक्त ६ गो राजदूत सभ के वापस बुलावे के फैसला भइल बा। एतवार के मन्त्रिपरिषद् बैठक में ई निर्णय लिहल गइल, आ एकरा बाद परराष्ट्र मन्त्रालय सोमार के संबंधित दूतावास सभ के चिठी भेज के एक महीना के भीतर स्वदेश लवटे के निर्देश दे देले बा।
वापस बुलावल गइल राजदूत सभ में भारत खातिर डा. शंकरप्रसाद शर्मा, ऑस्ट्रेलिया खातिर चित्रलेखा यादव, श्रीलंका खातिर डा. पूर्णबहादुर नेपाली, दक्षिण कोरिया खातिर डा. शिवमाया तुम्बाहाङ्फे, डेनमार्क खातिर सुम्निमा तुलाधर आ दक्षिण अफ्रिका खातिर कपिल श्रेष्ठ शामिल बाड़न। ई सभे राजदूत के नियुक्ति तत्कालीन केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार राजनीतिक कोटा के आधार पर कइले रहे।
सरकार बदलला के साथे राजनीतिक नियुक्ति पवले राजदूत सभ के वापस बुलावे के परम्परा एह बेर भी जारी रहल बा। एह से पहिले भी, पूर्वप्रधानन्यायाधीश सुशीला कार्की के नेतृत्व में बनल गैरदलीय अन्तरिम सरकार पिछला असोज ३० गते एके बेर में ११ देश के राजदूत सभ के वापस बुलवले रहे। ओह समय चीन, अमेरिका, बेलायत, जापान आ इजरायल जइसन देश में कार्यरत राजदूत सभ के फिर्ता कइल गइल रहे।
परराष्ट्र मन्त्रालय के अनुसार, वापस बुलावल गइल राजदूत सभ के जगह पर नया नियुक्ति प्रक्रिया जल्दी शुरू कइल जाई। भले कुटनैतिक मर्यादा या कामकाज पर कवनो सवाल ना उठल होखे, लेकिन सत्ता संतुलन आ राजनीतिक समीकरण मिलावे खातिर सरकार ई कदम उठवले बा। अब एक महीना के भीतर सभे राजदूत आपन जिम्मेदारी हस्तान्तरण क के काठमांडू लवट आई।

