वीरगंज । वीरगंज के उद्योगी आ व्यवसायी लोग खातिर बहुत दिन से सिरदर्द बनल राजमार्ग पर होखत अवैध वसूली के आखिरकार सरकार बंद करवा देले बा। वीरगंज सुख्खा बन्दरगाह से निकलल मालवाहक कंटेनर लोग के रास्ता में ढाँट लगा के हर गाड़ी से ५ सय रुपइया तक जबरन वसूली होखत रहल, एह ‘गुंडा टैक्स’ के सरकार नीतिगत फैसला करके खारिज कर देले बा।
एह अवैध वसूली के रोके खातिर पर्सा क्षेत्र नं. १ के प्रतिनिधि सभा सांसद बुद्धिप्रसाद पन्त (हरि) लमहर समय से संघर्ष करत रहले। सांसद पन्त के अनुसार, ऊ कई बेर पर्सा के प्रमुख जिल्ला अधिकारी भोला दाहाल आ प्रहरी उपरीक्षक सुदीपराज पाठक से एह वसूली के रोके के आग्रह कइले, लेकिन प्रशासन ध्यान ना देत रहल।
“हम कई बेर स्थानीय प्रशासन से कहनी, लेकिन ऊ लोग ना सुनल। आखिर में हम प्रधानमंत्री से मिलके आपन ओरहन रखनी,” सांसद पन्त बतवले। उनका अनुसार, प्रधानमंत्री द्वारा आइजीपी आ गृहसचिव के फोन करके तुरंत रोक लगावे के आदेश देला के बावजूद पर्सा के प्रहरी प्रशासन सक्रिय ना भइल। एही कारण सरकार के खुद नीतिगत निर्णय लेकर ई समस्या के जड़ से खत्म करे के पड़ल।
अर्थमंत्री स्वर्णिम वाग्ले के अध्यक्षता में बुध के भइल अन्तर-सरकारी वित्त परिषद आ विषयगत समिति के बैठक में अब से कवनो स्थानीय तह अपना इलाका से गुजरत माल पर टैक्स ना लगा सके के निर्णय भइल। बैठक में ई साफ कहल गइल कि अइसन टैक्स लगावल संविधान आ प्रचलित कानून के खिलाफ बा।
बैठक के फैसला अनुसार, एक स्थानीय तह में बनल सामान दोसरा तह के रास्ता से जाए पर कवनो तरह के ढुवानी कर ना लागी। अगर कवनो जगह अइसन कर लाग रहल बा, त ओकरा के तुरंत खारिज करे के निर्देश देहल गइल बा। एह संबंध में संघीय मामिला आ सामान्य प्रशासन मंत्रालय द्वारा सब स्थानीय तह के परिपत्र जारी कइल जाई, सांसद पन्त जानकारी देले।
वीरगञ्ज उद्योग वाणिज्य सङ्घ भी एह अवैध वसूली के खिलाफ कई बेर आवाज उठवले रहे। स्थानीय तह द्वारा ठेक्का देके राजमार्ग पर ढाँट लगावल जात रहल, गाड़ी रोके जात रहल आ पैसा ना देला पर चालक लोग से दुर्व्यवहार कइल जात रहल, जवन से वीरगंज के व्यवसायी लोग परेशान रहले।
अब सरकार के एह फैसला के बाद राजमार्ग पर ढाँट लगा के पैसा वसूली पूरी तरह गैरकानूनी घोषित हो गइल बा। सांसद पन्त के पहल से वीरगंज के व्यापारिक माहौल सुधरे आ ढुलाई लागत घटे के उम्मीद व्यवसायी लोग जता रहल बा।
एह बैठक में सातो प्रदेश के आर्थिक मामिला मंत्री, राष्ट्रीय योजना आयोग के उपाध्यक्ष, वित्त आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष आ अर्थ सचिव समेत कई उच्च अधिकारी लोग शामिल रहल।

