वीरगंज । मधेस प्रदेश पुलिस कार्यालय में एगो पुलिस जवान द्वारा अपना हाथ काटे के कोशिश कइला के बाद सुरक्षा व्यवस्था के भीतर हड़कंप मच गइल बा। प्रदेश पुलिस प्रमुख (डीआईजी) गोविन्द थपलिया के कार्यकक्ष में पेश कइल गइल पुलिस जवान रोशन यादव बुध के जांच के दौरान अपना पर ‘यातना’ देवे के आरोप लगावत हाथ काटे के कोशिश कइले रहलें।
धनुषा के जानकी पुलिस चौकी में कार्यरत रहल जवान यादव के पुलिस भीतर के विवादित ऑडियो मामला में पूछताछ खातिर चार दिन पहिले प्रदेश कार्यालय बुलावल गइल रहल।
यादव के आरोप बा कि डीआईजी थपलिया आ जांच में शामिल अधिकारी लोग जबरदस्ती निलंबित वरिष्ठ सई सागर शमसेर जबरा से संपर्क करावे के दबाव बनावत रहलें, आ एह दौरान उनकरा साथे अमानवीय व्यवहार (टॉर्चर) कइल गइल। घटना के तुरंत बाद एक पत्रकार से फोन पर बात करत यादव बतवले कि मानसिक आ शारीरिक रूप से प्रताड़ित होखला के बाद ऊ ई कदम उठवले।
ऑडियो मामला: ‘डीआईजी के नाम पर असुली’
ई पूरा घटना जानकी चौकी के तत्कालीन इंचार्ज वरिष्ठ सई सागर शमसेर जबरा आ एगो स्थानीय व्यापारी के बीच वायरल भइल ऑडियो से जुड़ल बा। सोशल मीडिया पर फैलल एह ऑडियो में आरोप लगावल गइल बा कि डीआईजी के नाम लेके पुलिस के घुमुवा लोग पैसा असुल करत रहल।
ऑडियो में व्यापारी कहत सुनाई देत बा कि ‘हमसे जयलाल यादव ३ लाख आ उमेश नाम के आदमी डेढ़ लाख रुपया डीआईजी के नाम पर वसूले रहलें।’ एह ऑडियो के सामने आवे के बाद विवाद में फँसल सई जबरा के पुलिस मुख्यालय निलंबित क के जांच शुरू क देले बा।
‘सच छुपावे खातिर टॉर्चर’ के आशंका
डीआईजी के कार्यकक्ष में ही जवान द्वारा खुद के नुकसान पहुँचावे के कोशिश पुलिस नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़ा करत बा। जांच के दायरा में रहला के बावजूद जवान से सही जानकारी लेवे के बजाय ‘निलंबित सई जबरा के बुलाव’ कहके दबाव बनावल जा रहल रहे, जे जांच प्रक्रिया पर सवाल उठावत बा।
यादव के बयान अनुसार, ‘हमरा साथे अमानवीय व्यवहार भइल, डीआईजी साहब के सामने ही ई सब भइल।’
पुलिस संगठन के भीतर उच्च अधिकारी के नाम जुड़ला के साथ आर्थिक लेनदेन के ऑडियो सामने आवे आ ओही मामला के जांच दौरान जवान द्वारा टॉर्चर के आरोप लगावत आत्महानि के कोशिश कइल जाना, मधेस प्रदेश के पुलिस प्रशासन खातिर गंभीर संकट के संकेत देत बा।
उधर, प्रदेश पुलिस कार्यालय अभी तक एह घटना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नइखे देले। सार्वजनिक भइल ऑडियो आ एह घटना के बाद डीआईजी थपलिया के भूमिका पर भी सवाल उठ रहल बा।

