वीरगंज । संविधान आ स्थानीय सरकार सञ्चालन ऐन अनुसार स्थानीय तह में प्रशासनिक नेतृत्व खातिर प्रमुख प्रशासकीय अधिकृत संघीय सरकार से खटावल जाला। बाकिर वीरगंज महानगरपालिका में एही कानूनी व्यवस्था के खुलेआम चुनौती देत “मनमानी शासन” के आरोप लागल बा, जहाँ संघ से पठावल सहसचिव स्तर के प्रमुख प्रशासकीय अधिकृत एक हफ्ता से अलपत्र परल बाड़ें।
महानगर में संघीय सरकार द्वारा खटावल प्रमुख प्रशासकीय अधिकृत रेशमलाल कँडेल हाजिर ना हो पवला के कारण जिला प्रशासन कार्यालय पर्सा में अस्थायी रूप से समय बितावे के मजबूरी में बाड़ें। एह घटनाले स्थानीय तह में प्रशासनिक टकराव आ अस्थिरता के मुद्दा फेरु उजागर कइले बा।
सूचना अनुसार, मेयर राजेशमान सिंह महानगर में पहिले से निमित्त प्रमुख प्रशासकीय अधिकृत के रूप में काम कर रहल शिक्षा समूह के १०औँ तह के अधिकृत अरविन्दलाल कर्ण के माध्यम से प्रशासनिक काम जारी राखे के पक्ष में बाड़ें। उहां के तर्क बा कि संघीय सरकार समन्वय बिना अधिकृत भेजले, एहसे महानगर के व्यवस्था प्रभावित हो सकेला।
दूसरी ओर संघीय मामिला तथा सामान्य प्रशासन मन्त्रालय के अडान बा कि कानूनी रूप से खटावल प्रमुख प्रशासकीय अधिकृत के हाजिर करावल जरूरी बा, आ बिना हाजिरी के नया अधिकृत ना पठावल जाई। मन्त्रालय साफ कइले बा कि कानून अनुसार काम होखे के चाहीं, आ व्यक्तिगत पसंद अनुसार कर्मचारी व्यवस्था ना चले।
एह विवाद के कारण महानगर के प्रशासनिक कामकाज प्रभावित भइल बा। कर्मचारी के तलब-भत्ता समेत कई सेवा प्रवाह ठप पड़े के स्थिति पैदा हो गइल बा। चार महीना से वेतन ना मिलल के कारण स्थायी, करार आ डोरहाजिर कर्मचारी लोग पर गंभीर असर पड़ल बा।
मन्त्रालय आ महानगर बीच के एह खिंचातानी के चलते अब स्थिति अउरी जटिल बनत जा रहल बा, आ सुशासन आ स्थानीय स्वायत्त शासन पर गंभीर सवाल उठ रहल बा।

