काठमांडू । का एके आदमी एक साथ बेरोजगार, आलसी, चउबीसों घंटा ऑनलाइन रहे वाला आ हर समय सिस्टम पर गनगन करे वाला हो सकेला? आम तौर पर ई सब बात खराबी जइसन लागेला, बाकिर पड़ोसी देश भारत में एह ‘गुण आ योग्यता’ वाला नवजवानन खातिर एगो अइसन अनोखा राजनीतिक दल बनावल गइल बा, जेकरे नाम राखल गइल बा – कक्रोच जनता पार्टी (CJP)।
शुरुआती दौर में कई लोग एह के खाली डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मजाक या व्यंग्य समझत रहे। बाकिर धीरे-धीरे बढ़त लोकप्रियता के कारण अब लोग एह के एगो नया आ वैकल्पिक राजनीतिक संगठन के रूप में देखे लागल बा। खुद CJP के दावा बा कि ई “नवजवानन खातिर, नवजवानन द्वारा बनावल शुद्ध राजनीतिक मंच” ह।
एह पार्टी के शुरुआत के कहानी भी काफी दिलचस्प बा। कुछ समय पहिले भारत के प्रधानन्यायाधीश सूर्यकांत बेरोजगार नवजवानन के लेके एगो विवादित बयान दिहले रहन। ऊ कहले रहन कि “कुछ नवजवान कक्रोच (सांपोल/सांगला) जइसन होला—जवन कहीं नौकरी ना पावेला, ऊ मीडिया, सोशल मीडिया या RTI कार्यकर्ता बन के सिस्टम पर हमला करत रहेला।”
एह बयान के चारों तरफ आलोचना भइल, आ बाद में ऊ कहले कि उनकर बात के गलत तरीका से पेश कइल गइल। बाकिर नवजवानन एह मौका के फायदा उठावत “कक्रोच” शब्द के ही अपन पार्टी के नाम बना लिहलन। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके मजाकिया अंदाज में कहले—“कक्रोच जनता पार्टी के संस्थापक होखे के नाते हम प्रधानन्यायाधीश के एह स्पष्टीकरण के कड़ा निंदा करतानी।”
के हउवन संस्थापक?
CJP के संस्थापक ३० साल के अभिजीत दिपके हउवन, जे बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन पढ़त बाड़न। ‘द हिन्दू’ के अनुसार ऊ राजनीति में नया चेहरा ना हउवन। ऊ २०२० से २०२३ तक अरविंद केजरीवाल के आम आदमी पार्टी (AAP) के सोशल मीडिया विभाग में वालंटियर के रूप में काम कइले रहन।
डिजिटल मीडिया में मजबूत पकड़ के चलते, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) पर करीब ४० हजार आ इंस्टाग्राम पर ४ लाख २० हजार से अधिक लोग CJP से जुड़ चुकल बाड़े।
पार्टी बनते ही भारतीय डिजिटल स्पेस में हलचल मच गइल बा। पार्टी के दावा बा कि अब तक १ लाख से ज्यादा नवजवान सदस्य बन चुकल बाड़े। दिलचस्प बात ई बा कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद महुआ मोइत्रा आ कीर्ति आजाद भी मजाकिया अंदाज में कहले बाड़े कि ऊ लोग भी एह पार्टी से जुड़ना चाहत बाड़े।
पार्टी के नेता लोग के अनुसार, CJP परंपरागत राजनीतिक दल ना ह, बलुक ई “मौजूदा सामाजिक-राजनीतिक व्यवस्था, बेरोजगारी आ महंगाई से परेशान आम जनता आ नवजवानन के गुस्सा के आवाज” ह।
भारत में धीमा रोजगार बाजार आ नवजवानन के बढ़त निराशा के बीच जनमल ई व्यंग्यात्मक राजनीतिक दल आगे चल के कइसन रूप लेई, ई देखे लायक होई।

