वीरगंज महानगरपालिका मधेश विश्वविद्यालय के केन्द्रीय कार्यालय स्थापना प्रयोजन खातिर महानगरपालिका वार्ड नं. २१ स्थित ४ बिगहा ५ कठ्ठा जमीन उपलब्ध करवा दिहलस। शिक्षा क्षेत्र के विकास आ उच्च शिक्षा तक पहुँच बढ़ावे के उद्देश्य से ई महत्वपूर्ण निर्णय लेहल गइल बा।
नगर प्रमुख राजेशमान सिंह आ मधेश विश्वविद्यालय के उपकुलपति डा. दिपक शाक्य के विशेष उपस्थिति में सम्पन्न कार्यक्रम में महानगर बोर्ड के सदस्य लोग भी बड़ी संख्या में मौजूद रहलें। सहभागी लोग ई निर्णय के वीरगंज के शैक्षिक हब के रूप में स्थापित करे वाला ऐतिहासिक कदम मानत बाड़े।
कार्यक्रम में बोलत उपकुलपति डा. दिपक शाक्य कहले कि वीरगंज महानगरपालिका द्वारा विश्वविद्यालय के भविष्य आ शिक्षा क्षेत्र के विकास के केंद्र में राख के कइल गइल ई सहयोग ऐतिहासिक आ दूरदर्शी कदम ह। ऊ कहले कि केन्द्रीय कार्यालय बनला के बाद मधेश प्रदेश के विद्यार्थी लोग के उच्च शिक्षा हासिल करे में बहुत सुविधा मिली।
उपकुलपति शाक्य कहले,
“वीरगंज महानगरपालिका शिक्षा क्षेत्र खातिर जे प्रतिबद्धता देखवले बा, ऊ बहुत सराहनीय बा। केन्द्रीय संरचना बने के बाद अध्ययन, अनुसंधान आ शैक्षिक गतिविधि अउरी प्रभावी ढंग से आगे बढ़ी। एहसे मधेश प्रदेश के विद्यार्थी लोग के अपने प्रदेश में ही गुणस्तरीय उच्च शिक्षा मिल सकेला।”
ऊ महानगरपालिका बोर्ड के सब सदस्य लोग के धन्यवाद दिहले आ आशा जतवले कि आगे चल के विश्वविद्यालय आ स्थानीय सरकार के बीच सहयोग अउरी मजबूत होई।
नगर प्रमुख राजेशमान सिंह भी कहले कि महानगरपालिका शिक्षा, अनुसंधान आ मानव संसाधन विकास खातिर हमेशा सकारात्मक बा आ मधेश विश्वविद्यालय के पूरा सहयोग देवे खातिर प्रतिबद्ध बा।
स्थानीय बुद्धिजीवी आ शिक्षा प्रेमी लोग एह निर्णय के ऐतिहासिक बतावत स्वागत कइले बाड़े। ऊ लोग के अनुसार, विश्वविद्यालय के केन्द्रीय कार्यालय वीरगंज में बनला से शहर के शैक्षिक, आर्थिक आ सामाजिक विकास में सकारात्मक असर पड़ी।

