तत्कालीन राजा वीरेन्द्र शाह के पूरा वंश के समाप्त कर देवे वाला नारायणहिटी दरबार हत्याकाण्ड के आज 25 बरिस पूरा हो गइल बा। ई भयावह घटना 2058 साल के जेठ 19 गते काठमांडू के नारायणहिटी दरबार में घटल रहे।
दरबार के भीतर भइल गोलीकाण्ड में राजा वीरेन्द्र, रानी ऐश्वर्य, युवराज दीपेन्द्र, अधिराजकुमार नीराजन, राजकुमारी श्रुति, शान्ति राज्यलक्ष्मी सिंह, शारदा राज्यलक्ष्मी शाह, शाहज्यादी जयन्ती राज्यलक्ष्मी शाह, कुमार खड्गविक्रम शाह आ धीरेन्द्र शाह के मौत हो गइल रहे।
एह घटना में कोमल शाह, शोभा शाही, कुमार गोरखशमशेर आ केतकी चेस्टर घायल हो गइल रहले। इ हत्याकाण्ड आज 25 बरिस बीत जाए के बादो अबले रहस्य में घिरल बा।
ओह समय सर्वोच्च अदालत के न्यायाधीश केशवप्रसाद उपाध्याय आ सभामुख तारानाथ रानाभाट के नेतृत्व में बनल उच्चस्तरीय छानबिन समिति युवराज दीपेन्द्र के दोषी ठहरवलस, बाकिर एह निष्कर्ष के आम जनता पूरा तरह से स्वीकार ना कर पाइल।
छानबिन समिति के रिपोर्ट में दावा कइल गइल कि युवराज दीपेन्द्र ही पूरा शाही परिवार के हत्या कइले रहलें, बाकिर एह दावा पर आजो बहुते लोग भरोसा ना करे ला।
सत्ता में पहुँचे वाला कई नेता लोग विपक्ष में रहत समय एह हत्याकाण्ड के सच्चाई सामने लियावे के वादा कइले रहलें, बाकिर सत्ता में आवे के बाद ई मुद्दा उनकर प्राथमिकता में कबहूं ना रहल—एह बात के लेके जनता में आजो असन्तोष आ सवाल बनल बा।

