काठमाडौं। चालू आर्थिक वर्ष के पहिला 10 महीना (साउन से वैशाख तक) में नेपाल में कुल 19 खरब 16 अरब रुपैया रेमिटेंस आइल बा, जवन कि राष्ट्र बैंक के मासिक रिपोर्ट में बतावल गइल बा। खास बात ई बा कि खाली वैशाख महीना में ही 41.2 प्रतिशत के बढ़ोतरी दर्ज भइल बा।
खाड़ी देशन में युद्ध के असर से रेमिटेंस घटे के अटकल लगावल जात रहल, लेकिन वैशाख में उल्टा काफी तेजी से बढ़ोतरी देखे के मिलल। एतना ही ना, वैशाख तक आवे वाला कुल रेमिटेंस पिछला पूरा आर्थिक साल से भी ज्यादा हो गइल बा। पिछला साल कुल 17 खरब 23 अरब रुपैया आइल रहल।
खाली वैशाख महीना में 2 खरब 57 अरब 49 करोड़ रुपैया नेपाल में भितराइल बा, जवन अब तक के सबसे ज्यादा मासिक रिकॉर्ड ह। एकरा पहिले चैत महीना में 2 खरब 9 अरब रुपैया आइल रहल। डॉलर में देखल जाए त रेमिटेंस 33 प्रतिशत बढ़के 13 अरब 26 करोड़ डॉलर पहुंच गइल बा।
विशेषज्ञ लोग के अनुसार, अमेरिकी डॉलर के भाउ बढ़े आ यूरोप से रेमिटेंस आवे में बढ़ोतरी के चलते लगातार इजाफा होत बा। नेपाल में आवे वाला कुल रेमिटेंस में करीब 40 प्रतिशत हिस्सा अभी भी पश्चिम एशिया (खाड़ी देश) से आवेला, लेकिन धीरे-धीरे ई हिस्सा घटत जा रहल बा।
खाड़ी क्षेत्र में करीब 19 लाख नेपाली काम करत बाड़े, आ हर साल 7 लाख लोग विदेश जात बा, जवन में से लगभग 65 प्रतिशत खाड़ी देश में जाला।
औपचारिक माध्यम (बैंक, डिजिटल पेमेंट, रेमिट कंपनी) से पैसा भेजे के चलन भी तेजी से बढ़ल बा, जवन कि अर्थव्यवस्था खातिर सकारात्मक संकेत मानल जा रहल बा।
रेमिटेंस बढ़े के असर विदेशी मुद्रा भंडार पर भी पड़ल बा। वैशाख तक नेपाल के विदेशी मुद्रा भंडार 37 खरब 4 अरब रुपैया तक पहुंच गइल बा, जवन कि पिछला साल से 38.3 प्रतिशत ज्यादा बा।
एह भंडार से नेपाल करीब 22.6 महीना तक के आयात के खर्चा उठा सकेला, जवन कि आर्थिक स्थिति मजबूत होखे के संकेत बा।
महंगाई दर भी नियंत्रित हालत में बा। चालू साल के 10 महीना में औसत महंगाई दर 2.66 प्रतिशत रहल, जबकि पिछला साल ई 4.39 प्रतिशत रहल। कुछ चीज जइसे फलफूल, घी-तेल, तरकारी आ माछ-मास के दाम बढ़ल बा, जबकि दाल आ मसाला के दाम में हल्की गिरावट देखे के मिलल बा।
