वीरगंज। वीरगंज महानगरपालिका के चालू असार महीना के भीतरिये पूरा साक्षर पालिका घोषित करे के तैयारी जोर-शोर से चल रहल बा। महानगरपालिका के शैक्षिक प्रशासन महाशाखा बतवले बा कि जरूरी प्रक्रिया अब आखिरी चरण में पहुँच गइल बा।
बुध के युवालय द्वारा आयोजित ‘बाल अधिकार संरक्षण आ संवर्द्धन में सञ्चारकर्मी के भूमिका’ विषय पर भइल अन्तरक्रिया कार्यक्रम में बोलत शैक्षिक प्रशासन महाशाखा प्रमुख आनन्द लामिछाने जानकारी देले कि 32 में से 27 वडा पहिले ही साक्षर घोषित हो चुकल बा, जबकि बाकी पाँच वडा अब अंतिम चरण में बा।
उनकर कहनाम बा कि 22 वडा निर्धारित मापदंड पूरा करके साक्षरता हासिल कर चुकल बा, जबकि पाँच वडा पिछला नगर प्रमुख के कार्यकाल में ही साक्षर घोषित हो गइल रहे। अब बचल पाँच वडा में जरूरी प्रक्रिया पूरा करे के काम तेजी से चल रहल बा, आ असार के भीतरिये वीरगंज महानगर के पूर्ण साक्षर घोषित करे के तैयारी बा।
नेपाल सरकार के मापदंड अनुसार 15 से 60 साल के उमिर समूह में कम से कम 95 प्रतिशत लोग साक्षर होखे पर स्थानीय तह के पूर्ण साक्षर घोषित कइल जा सकेला। महानगर में मौजूद आठ सामुदायिक सिकाइ केन्द्र में से अभी छह सक्रिय केन्द्र के माध्यम से साक्षरता अभियान चलावल जा रहल बा, महाशाखा प्रमुख लामिछाने बतवले।
उ उहाँ ई भी बतवले कि महानगरपालिका 10 साल के शिक्षा योजना बनावे के कामो आगे बढ़ा रहल बा। साथे विषयगत शिक्षक के कमी के कारण सामुदायिक स्कूल में पढ़ाई-लिखाई प्रभावित हो रहल बा।
कार्यक्रम में महिला विकास अधिकृत रञ्जना पण्डित बतवली कि बाल उद्धार कोष स्थापित भइला के बावजूद जनप्रतिनिधि लोग के पर्याप्त सहयोग ना मिलला से अबहीं ले लागू ना हो पावल बा।
शिक्षा खातिर राष्ट्रीय अभियान के अभियन्ता राम प्रवेश साह बाल अधिकार से जुड़ल कानूनी आ नीतिगत व्यवस्था के जानकारी देत कहले कि नीति त पर्याप्त बा, लेकिन ओकर सही ढंग से लागू करे में कमी बा। ऊ बाल अधिकार के प्रभावी कार्यान्वयन खातिर सभे सरोकार वाला पक्ष के बीच समन्वय आ सहकार्य जरूरी बतवले।
कार्यक्रम के संचालन युवालय के राहुल साह कइले रहन।

