काठमांडू। चितवन राष्ट्रीय निकुञ्ज आ आसपास के इलाका में आतंक मचावत 25 आदमी के जान ले चुकल ‘ध्रुवे’ नाम के जंगली हाथी के काबू में लेके ओकर दाँत काटे के तैयारी कइल जा रहल बा।
निकुञ्ज प्रशासन हाल के दिन में फेर से आक्रामक भइल एह हाथी के बेहोस (डार्ट करके) कइल जाई, आ ओकर दाँत छोट कइल जाई। साथे पुरान आ बेअसर हो चुकल रेडियो कॉलर हटाके नया कॉलर लगावे के फैसला भी कइल गइल बा। गत शनिचर रात भरतपुर महानगरपालिका–23 में एके परिवार के माई-बेटा के जान ले लिहला के बाद प्रशासन ध्रुवे के गतिविधि पर अउरी सतर्क हो गइल बा।
निकुञ्ज के प्रमुख संरक्षण अधिकृत डिलबहादुर पुर्जा पुन के अनुसार, नया रेडियो कॉलर लगला के बाद जइसने हाथी बस्ती के नजदीक आई, तुरंत सूचना मिल जाई आ स्थानीय लोग के समय पर सतर्क कइल जा सकेला। 2066 साल से आदमी पर हमला शुरू कइले ध्रुवे 2069 साल के आसपास भारी आतंक मचवले रहे, जवन कारण ओह समय ओकरा के मार देवे के आदेश तक जारी भइल रहे।
बार-बार दाँत काटे आ रेडियो कॉलर लगावे के बावजूद भी एह हाथी के आक्रामक व्यवहार में खास सुधार ना देखाइल बा। अभी निकुञ्ज के अंदर 45 से 50 जंगली हाथी बा, बाकिर ध्रुवे के गतिविधि आ नुकसान से स्थानीय लोग लगातार डर में जी रहल बा।

