सञ्चार आ सूचना प्रविधि मंत्री विक्रम तिमिल्सिना साफ कइले बाड़ें कि हुलाक के जरिए ५ किलो तक किताब भेजे वाला “बुक पोस्ट” सेवा बंद नइखे भइल।
सोशल मीडिया पर ई बात फैल गइल रहे कि सरकार बुक पोस्ट सेवा बंद कर देले बा या अब ५ किलो तक किताब भेजल ना जा सकेला। एह पर ध्यान दिहत मंत्री तिमिल्सिना शनिचर के स्पष्टीकरण देले बाड़ें।
उनकर कहना बा कि नेपाल में बुक पोस्ट सेवा अबहियो पहिले जइसन चल रहल बा। यूनिभर्सल पोस्टल यूनियन (UPU) के नियम आ नेपाल के कानून के हिसाब से ५ किलो तक किताब बुक पोस्ट से भेजल जा सकेला।
समस्या दोसरा देश के नियम से बा
मंत्री के अनुसार, अभी जे समस्या देखाई दे रहल बा, ऊ नेपाल से ना बल्कि कुछ गंतव्य देशन के आपन नियम के कारण बा। कुछ देश २ किलो से जादा वजन वाला किताब के बुक पोस्ट के रूप में ना लेके पार्सल मानेला। एह से भेजल सामान वापस आ सकेला या फेरू अतिरिक्त पैसा लाग सकेला।
जोखिम लेके भेजल जा सकेला
मंत्री तिमिल्सिना बतवले कि अगर भेजे वाला खुद ई जोखिम उठावे खातिर तैयार बा, त नेपाल हुलाक किताब भेजे से ना रोकत बा।
ऊ ई भी कहले बाड़ें कि सरकार किताब, पढ़ाई आ ज्ञान के आदान-प्रदान आसान बनावे खातिर प्रतिबद्ध बा। जरूरत पड़ला पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी ई मुद्दा उठावल जाई।
अंत में ऊ सभे नागरिक से अपील कइले बाड़ें कि सही जानकारी पर भरोसा करीं आ सोशल मीडिया पर फैलत गलत खबर से सावधान रही।

