नेपाली कांग्रेस के सभापति गगन थापा कहले बाड़ें कि नागरिकन के अधिकार खातिर राजनीति करे खातिर हमेशा सत्ता आ शक्ति के जरूरत ना पड़ेला।
शनिचर के भक्तपुर में आयोजित एगो कार्यक्रम में बोलत थापा कहले कि सत्ता से बाहर रहके भी नागरिकन के अधिकार खातिर असरदार राजनीति कइल जा सकेला।
उनकर कहना रहल कि सेवा भाव से आ अधिकार खातिर कइल जाए वाला राजनीति खाली सत्ता पर निर्भर ना होखे के चाहीं। ऊ कहले, “सेवा भाव से कइल राजनीति आ नागरिकन के अधिकार खातिर कइल राजनीति खातिर हर समय सत्ता–शक्ति जरूरी नइखे।”
थापा ई भी बतवले कि कई बेर अइसन हालात आवेला जब सत्ता से बाहर रहके आ शक्ति से अलग होके जादे प्रभावी ढंग से काम करे के पड़ेला।
ऊ साफ कहले कि सत्ता आ शक्ति राजनीति के अंतिम लक्ष्य ना होके बस एगो साधन ह। “सत्ता आ शक्ति प्राथमिक ना ह, अंतिम ना ह, ई लक्ष्य ना ह, बल्कि खाली माध्यम ह,” ऊ कहले।
पार्टी के एकजुट बनावे के बात
थापा कहले कि पार्टी के भीतर जे मतभेद बा, ओकरा के सुलझाके नेपाली कांग्रेस के एकजुट बनावल जाई, बाकिर एह प्रक्रिया में पार्टी के मूल चरित्र आ आत्मा के कमजोर ना कइल जाई।
उनकर कहना रहल, “पार्टी के अंदर जे मतभेद बा, ओकरा के मिलाके पार्टी के एकजुट बनावे के बा, बाकिर पार्टी के आत्मा के बचा के।”
ऊ आगे कहले कि कांग्रेस के असली पहचान के फिर से स्थापित कइल जाई आ अइसन पार्टी बनावल जाई जवन पर कार्यकर्ता गर्व कर सके।
महाधिवेशन प्रक्रिया आगे बढ़ी
थापा जानकारी देले कि पार्टी से जुड़ल जरूरी फैसला केंद्रीय कार्यसमिति के बैठक में कइल जाई। ई बैठक दू-तीन दिन चली।
बैठक खतम होतिए पार्टी के महाधिवेशन के प्रक्रिया आगे बढ़ावल जाई।

