वीरगञ्ज । वीरगञ्ज में रक्तदान कार्यक्रम कम होखला से रक्तसञ्चार केन्द्र में खून के कमी हो गइल बा। खून के अभाव के चलते वीरगञ्ज स्थित नारायणी अस्पताल समेत अलग-अलग निजी अस्पताल में इलाज करा रहल मरीज प्रभावित भइल बाड़ें।
वीरगञ्ज रक्तसञ्चार केन्द्र के प्राविधिक प्रमुख शौरभराज पाण्डेय के अनुसार पहिले के तुलना में हाल के समय में रक्तदान कार्यक्रम बहुत कम भइला के चलते केन्द्र में खून के मौज्दात घटल बा। पहिले अलग-अलग संघ-संस्था नियमित रूप से रक्तदान कार्यक्रम करत रहलीं, बाकिर पछिला समय में अइसन कार्यक्रम ना हो पावत बा।
उनका अनुसार साउन महीना में अबले खाली दू गो संस्था रक्तदान कार्यक्रम के आयोजन कइले बाड़ी। ओह कार्यक्रम से करीब एक सय पोका खून संकलन भइल बा। जबकि वीरगञ्ज में रोजाना करीब एक सय पोका खून के जरूरत पड़ेला।
अस्पताल सभ से रोजाना ६० से ८० पोका तक खून के माग आवत रहे ला, पाण्डेय बतवले। कुछ दिन त एक पोका भी खून संकलन ना हो पावेला, जवना चलते माग के अनुसार खून उपलब्ध करावे में समस्या हो रहल बा।
वीरगञ्ज में हो रहल सड़क विस्तार के दौरान अलग-अलग संरचना तोड़ल गइल, जवना चलते रक्तदान कार्यक्रम करे खातिर उपयुक्त जगह के भी कमी भइल बा। एह के अलावा अत्यधिक गर्मी आ प्रतिकूल मौसम के कारण शहर केन्द्रित रक्तदान कार्यक्रम भी प्रभावित भइल बा, पाण्डेय बतवले।
रक्तसञ्चार केन्द्र अलग-अलग संघ-संस्था से बारम्बार रक्तदान कार्यक्रम आयोजना करे के आग्रह करत आइल बा, बाकिर अपेक्षा के अनुसार कार्यक्रम होखे नइखे सकल।
पाण्डेय के अनुसार पछिला समय के बदलत राजनीतिक परिस्थिति के असर भी रक्तदान कार्यक्रम आयोजना करे वाला संघ-संस्था पर पड़ल बा। पहिले अलग-अलग राजनीतिक दल से जुड़ल भातृ संगठन आ सामाजिक संघ-संस्था भी नियमित रूप से रक्तदान कार्यक्रम करत रहलीं। बाकिर राजनीतिक बदलाव के साथे अइसन संघ-संस्था के सक्रियता घटला से रक्तदान कार्यक्रम भी प्रभावित भइल बा।
रक्तसञ्चार केन्द्र खून के अभाव होखे से रोके खातिर संघ-संस्था, सामाजिक संगठन, युवा क्लब आ आम नागरिक से रक्तदान कार्यक्रम आयोजना करे आ नियमित रूप से रक्तदान में सहभागी होखे के आग्रह कइले बा।

