काठमाण्डू । सरकार चालू सीजन खातिर उख के न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करेके प्रक्रिया आगे बढ़वले बा। कृषि विभाग तराईका प्रमुख उख उत्पादक ११ जिला में स्थलगत सर्वेक्षण शुरू क के मूल्य निर्धारणके प्रारम्भिक तइयारी शुरू कइले बा।
विभागका अनुसार उख के उत्पादन लागत आ वास्तविक खर्चके यथार्थ विवरण संकलन करे खातिर सुनसरी, मोरङ, रौतहट, महोत्तरी, धनुषा, सर्लाही, सिरहा, नवलपरासी, बर्दिया, कैलाली आ कञ्चनपुर में टोली खटावल गइल बा। कृषि विभागका महानिर्देशक प्रकाशकुमार सञ्जेल बतवले कि तराईका एह जिलासे मिलल तथ्यांकका आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्यके प्रस्ताव तइयार कइल जाई।
एह बेर पिछिला सालके तुलना में किसानके लागल ढुवानी भाड़ा, उत्पादन लागत आ दोसरा प्राविधिक खर्चके भी सूक्ष्म अध्ययन कइल जाई। विभाग स्थलगत अध्ययनके प्रतिवेदन तइयार कइला के बाद थप छलफल खातिर कृषि, वन तथा पर्यावरण मन्त्रालय में भेजी।
उख के न्यूनतम खरिद मूल्य आ सरकारका ओरसे किसानके देहल जाए वाला अनुदान रकमके अन्तिम निर्णय मन्त्रिपरिषद् बैठक करी, महानिर्देशक सञ्जेल बतवले।
बजार में होखे वाला मूल्यके उतार-चढ़ावसे किसानके नोक्सान ना होखे आ उखु तथा गहुँ जइसन कृषि उपजके उचित मूल्य सुनिश्चित होखे, एह खातिर सरकार हर साल न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करत आइल बा। पिछिला साल सरकारले उख के खरिद मूल्य प्रतिक्विन्टल ६२० रुपैयाँ आ किसानके देहल जाए वाला अनुदान प्रतिक्विन्टल ७० रुपैयाँ तय कइले रहे।

