काठमांडू । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के 20 बरीस के बेटा बैरन ट्रम्प के हत्या करे वाला के इरान में 1 करोड़ अमेरिकी डॉलर के इनाम घोषित कइला के दावा वाला एगो वीडियो सामने अइला के बाद अमेरिका आ ईरान के बीच तनाव अउरी बढ़ गइल बा।
ईरानी सरकारी टेलीविजन के चैनल–3, जेकर संबंध इस्लामिक रिभोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) से बतावल जाला, से प्रसारित एह वीडियो में बैरन ट्रम्प के सुरक्षा व्यवस्था, संभावित ठिकाना आ रोजमर्रा के गतिविधि के बारे में ग्राफिक्स के जरिए जानकारी देखावल गइल बा। हालांकि, ई इनाम ईरान सरकार के आधिकारिक नीति ह कि ना, एकर स्वतंत्र पुष्टि अबहियो नइखे भइल।
एह बीच अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कट बेसेन्ट ईरान पर नया आ कड़ा आर्थिक प्रतिबंध लगावे के घोषणा कइले बाड़न। अमेरिका तेहरान के प्रमुख आर्थिक आ वित्तीय रास्ता बंद करे के रणनीति पर काम करत बा। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प अपना सहयोगी देशन से भी एह प्रतिबंध में शामिल होखे के आग्रह कइले बाड़न।
प्रतिबंध के जवाब में ईरानी सरकार के प्रवक्ता फातेमा मोहाजेरानी कहलें कि देश एह परिस्थिति के मजबूती से सामना करी। ओहिजा ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाइ चेतावनी दिहलें कि अगर आर्थिक दबाव जारी रहल त खाड़ी क्षेत्र से होखे वाला पूरा तेल निर्यात रोकल जा सकेला।
दोसर ओर, अमेरिकी रक्षामंत्री पीट हेगसेथ होर्मुज जलडमरूमध्य समेत कई इलाका में सैन्य शक्ति के इस्तेमाल के संभावना से इनकार नइखन कइले। एह बयान के बाद क्षेत्र में युद्ध के खतरा अउरी बढ़े के आशंका जतावल जा रहल बा।
एह तनाव के बीच ओमान के उत्तर-पूर्वी समुद्री इलाका में एगो तेल टैंकर प्रक्षेप्यास्त्र के हमला से क्षतिग्रस्त हो गइल। तनाव कम करे के कोशिश में ओमान के विदेशमंत्री सय्यद बद्र अल-बुसैदी तेहरान जाए वाला बाड़न।
हालांकि, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन अमेरिका के धमकी वाला भाषा छोड़ देवे के चेतावनी दिहलें। आईआरजीसी भी चेतावनी दिहले बा कि अगर ईरान के बुनियादी ढांचा पर हमला भइल त अमेरिकी ऊर्जा आपूर्ति के रास्ता पर बड़ हमला कइल जा सकेला।
ईरान के साथ तनाव के बीच अमेरिकी सेना पूर्वी प्रशांत महासागर में नशा के तस्करी में शामिल होखे के आरोप वाला एगो पोत पर ‘घातक काइनेटिक स्ट्राइक’ (हमला) कइले बा। सोमार के भइल एह कार्रवाई में दू गो लोग के मौत भइल, अमेरिकी सेंट्रल कमान्ड के मुताबिक अमेरिकी प्रशासन पिछिला एक साल से नार्को-आतंकवाद के खिलाफ अभियान चलावत आइल बा। एह अभियान में 60 से अधिक हमला भइल बा, जवना में 210 से ज्यादा लोग के मौत भइल बतावल गइल बा।
हालांकि, सोमबार हमला कइल गइल पोत पर नशा मौजूद रहे के स्पष्ट सबूत पेंटागन सार्वजनिक नइखे कइले। एह कारण आलोचक अमेरिकी सेना के एह कार्रवाई के कानूनी आधार पर सवाल उठवले बाड़न। एह बीच पेंटागन के महानिरीक्षक कहलें कि अइसन हमला में लक्ष्य चुने के प्रक्रिया के जांच आ समीक्षा कइल जाई।

