वीरगञ्ज । विश्वव्यापी आर्थिक तरलता, बैंक तथा वित्तीय संस्थान से कर्जा प्रवाह में आइल सुस्ती आ पूँजी के अभाव के कारण मधेस प्रदेश में उद्योग-व्यवसाय बन्द होखे के क्रम बढ़ल बा।
मधेस प्रदेश सरकार के उद्योग, वाणिज्य तथा पर्यटन मन्त्रालय के अनुसार, पिछला आर्थिक वर्ष २०८२/८३ में प्रदेशभर उद्योग आ वाणिज्य क्षेत्र के कुल १ हजार ९ सय ३८ गो व्यापारिक फर्म बन्द (लगत कट्टा) भइल बाड़े। बन्द भइल व्यवसाय में उद्योगतर्फ ८ सय २१ आ वाणिज्यतर्फ १ हजार १ सय १७ गो निजी तथा साझेदारी फर्म शामिल बाड़ी स। स्थानीय तह में सीधे उद्योग दर्ता करावे के क्रम बढ़ल आ वित्तीय संकट गहिराइल के व्यवसाय बन्द होखे के मुख्य कारण मानल गइल बा।
निराशाजनक रूप से व्यवसाय बन्द होत रहे के बावजूद नया उद्योग दर्ता आ नवीकरण के प्रक्रिया जारी बा। मन्त्रालय के सूचना अधिकारी उपेन्द्रकुमार महतो के अनुसार, पिछला आव २०८२/८३ में प्रदेशभर ५ हजार ६८ गो नया उद्योग दर्ता भइल, जबकि ७ हजार ५ सय ४० गो उद्योग के नवीकरण कइल गइल।
नया उद्योग दर्ता के मामिला में पर्सा जिला सबसे आगे रहल, जहाँ १ हजार १ सय १ गो नया उद्योग जुड़ल। ओही तरह धनुषा में ७ सय ७७, बारा में ६ सय ३९, सर्लाही में ६ सय ३६, सिरहा में ५ सय ५४, रौतहट में ५ सय ३३, महोत्तरी में ५ सय १४ आ सप्तरी में ३ सय १४ गो नया उद्योग दर्ता भइल बा।
वाणिज्य क्षेत्र में भी दर्ता आ नवीकरण के स्थिति उत्साहजनक देखाइल बा। समीक्षा अवधि में वाणिज्यतर्फ ६ हजार १ सय २२ गो नया निजी फर्म आ १८ गो साझेदारी फर्म दर्ता भइल बा। एही अवधि में ११ हजार १ सय ४४ गो फर्म के नवीकरण सम्पन्न भइल बा।
नया उद्योग तथा वाणिज्य फर्म के दर्ता, नवीकरण समेत विभिन्न प्रशासनिक शीर्षक से मधेस प्रदेश सरकार पिछला आर्थिक वर्ष में कुल ५ करोड २६ लाख ४९ हजार ५ सय ६२ रुपइया राजस्व संकलन कइले बा।
सुस्त आर्थिक गतिविधि के बीचोबीच नया फर्म दर्ता होखला से उद्योगी-व्यवसायी में अबहियो आशा कायम रहल देखाई देला। बाकिर, बड़ संख्या में पुरान फर्म बन्द होखला से प्रदेश के अर्थव्यवस्था गंभीर दबाव में रहल बात साफ हो रहल बा।

