काठमाडौं । उपराष्ट्रपति रामसहाय प्रसाद यादव कहलन कि नाडा अटो शो खाली व्यापारिक मेला भा सवारी साधन के प्रदर्शनी तक सीमित ना रहके नेपाल के गतिशीलता, आधुनिकता आ आर्थिक रूपान्तरण के मजबूत मार्गचित्र बने के क्षमता रखेला।
काठमाडौं के भृकुटीमण्डप में मंगल के शुरू भइल नाडा अटो शो २०२६ के उद्घाटन करत उपराष्ट्रपति यादव नेपालहीं में सवारी साधन उत्पादन करके देश के आत्मनिर्भरता के ओर आगे बढ़ावे पर जोर देलन।
उहाँ कहलन कि अटोमोबाइल क्षेत्र के विकास खातिर नया तकनीक, विद्युतीय सवारी साधन (ईभी), अटो पार्ट्स आ अन्य सेवा के एगो छतरी के नीचे प्रस्तुत करके उपभोक्ता तक पहुँचावे के नाडा के प्रयास सकारात्मक बा।
उहाँ कहनी कि नाडा अटो शो खाली व्यापारिक मेला भा प्रदर्शनी ना होके नेपाल के गतिशीलता, आधुनिकता आ आर्थिक रूपान्तरण खातिर एगो मजबूत मार्गचित्र बन सकेला।
उपराष्ट्रपति यादव अटो शो के माध्यम से उपभोक्ता, उद्योगपति, तकनीक विकासकर्ता आ नीति निर्माता के बीच सीधा संवाद, समन्वय आ सहकार्य के वातावरण बनावे के जरूरत बतवलन।
नेपाली अटोमोबाइल बाजार के अन्तर्राष्ट्रिय स्तर पर पहचान दिलावे आ नेपाल में विश्वस्तरीय सुरक्षा मापदण्ड के बढ़ावा देवे पर भी उहाँ जोर देलन।
उहाँ के अनुसार अटोमोबाइल क्षेत्र के विस्तार के साथे देश में उत्पादन, तकनीक विकास, रोजगारी के अवसर आ लगानी बढ़ावे के जरूरत बा। नेपालहीं में सवारी साधन उत्पादन के अनुकूल वातावरण बनावल गइल त आत्मनिर्भर अर्थतन्त्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान मिल सकेला।
ईभी के इस्तेमाल बढ़ावे पर जोर
उपराष्ट्रपति यादव पेट्रोल आ डिजेल के आयात में बाहर जाए वाला बड़ रकम के बचावे खातिर विद्युतीय सवारी साधन के इस्तेमाल बढ़ावे के जरूरत बतवलन।
नेपाल जलस्रोत के धनी देश ह आ जलविद्युत उत्पादन में तेजी से आगे बढ़ रहल बा, एह बात के उल्लेख करत उहाँ पेट्रोलियम पदार्थ के आयात पर निर्भरता घटावे पर जोर देलन।
उहाँ विद्युतीय सवारी साधन के इस्तेमाल के देश खातिर समझदारी भरल आ टिकाऊ विकल्प के रूप में आगे बढ़ावे के बात कहलन।
नाडा अटोमोबाइल्स एसोसिएसन अफ नेपाल के आयोजना में नाडा अटो शो २०२६ मंगल से शुरू भइल बा। भृकुटीमण्डप में लागल ई मेला १४ भदौ तक चली।
‘अन्तर्राष्ट्रिय स्तर के प्रदर्शनी केन्द्र जरूरी’
कार्यक्रम में नाडा के अध्यक्ष सुरेन्द्रकुमार उप्रेती काठमाडौं में पर्याप्त भौतिक पूर्वाधार ना होखे के चलते अटोमोबाइल क्षेत्र के पूरा क्षमता प्रदर्शन ना हो पावत बा, कहके गुनासो कइलन।
भृकुटीमण्डप के वर्तमान संरचना ट्रक, बस आ हेभी इक्विपमेन्ट के प्रदर्शन खातिर पर्याप्त जगह ना दे पावत बा, बतावत अध्यक्ष उप्रेती काठमाडौं में अन्तर्राष्ट्रिय स्तर के प्रदर्शनी केन्द्र बनावे खातिर सरकार के ध्यानाकर्षण करवले।
अध्यक्ष उप्रेती सवारी साधन के देखे के दृष्टिकोण में भी बदलाव के जरूरत बतवलन। उहाँ कहलन कि सवारी साधन अब खाली विलासिता के सामान ना रहके नागरिकन के आवागमन, व्यवसाय आ रोजगारी से जुड़ल एगो जरूरी साधन बन गइल बा।
उहाँ कहलन, “सवारी साधन के अबहियो खाली विलासिता के वस्तु माने वाला दृष्टिकोण पर पुनर्विचार होखे के चाहीं। आज ई क्षेत्र १० लाख से अधिक लोगन के रोजगारी आ सालाना ९० अरब से अधिक राजस्व के स्रोत मात्र ना ह, बलुक आर्थिक गतिविधि के गतिशील बनावे वाला मुख्य कड़ी भी बा।”

