काठमांडू । पिछिला भदौ १० गते के विनाशकारी बाढ़ झेल चुकल रसुवा आ नुवाकोट जिला में फेरु आकस्मिक बाढ़ (फ्ल्यास फ्लड) के ‘बहुत अधिक संभावना’ रहल बतावत बाढ़ पूर्वानुमान महाशाखा उच्च सतर्कता बरते के आह्वान कइले बा।
महाशाखा आजु (बुधके) सबेरे जारी कइल विशेष बाढ़ पूर्वानुमान बुलेटिन के अनुसार रसुवा आ नुवाकोट से होके बहे वाला भोटेकोसी, त्रिशूली आ ओहनी के छोट-छोट सहायक नदी सभ में पानी के सतह अचानक बढ़ के आकस्मिक बाढ़ आवे के बहुत अधिक जोखिम देखल गइल बा। फिलहाल भोटेकोसी आ त्रिशूली नदी के बहाव सतर्कता स्तर से नीचे बा, बाकिर अगिला तीन दिन तक देश के प्रमुख नदी सभ के साथे एह इलाका में भी पानी के सतह काफी बढ़े के अनुमान बा।
खास करके नारायणी बेसिन के अंतर्गत पड़े वाला त्रिशूली नदी के बेत्रावती जलमापन केन्द्र में आज आ काल्हि पानी के सतह असामान्य रूप से बढ़ के जोखिम के स्तर तक पहुँच सकेला, महाशाखा के अनुमान बा। एकरा साथे बुढीगण्डकी, मर्स्याङ्दी आ सेती नदी में भी बहाव बढ़े के संभावना रहल से नदी किनार के इलाका में रहे वाला लोग के सजग रहे के सुझाव दिहल गइल बा।
तीन दर्जन से अधिक जिला में मध्यम जोखिम
महाशाखा के अनुसार आजे देश के तीन दर्जन से अधिक जिला से होके बहे वाला छोट-छोट नदी सभ में बाढ़ के मध्यम जोखिम बा। एह में काठमांडू उपत्यका के तीनों जिला—काठमांडू, भक्तपुर आ ललितपुर—के साथे ताप्लेजुङ, सङ्खुवासभा, सोलुखुम्बु, रामेछाप, दोलखा, सिन्धुपाल्चोक, काभ्रेपलाञ्चोक, धादिङ, मकवानपुर, चितवन, गोरखा, तनहुँ, लमजुङ, मनाङ, कास्की, स्याङ्जा, पर्वत, म्याग्दी आ बागलुङ में आकस्मिक बाढ़ के मध्यम संभावना बा।
एही तरह कर्णाली आ सुदूरपश्चिम के रुकुम पूर्व, रुकुम पश्चिम, रोल्पा, सल्यान, सुर्खेत, जाजरकोट, दार्चुला, बैतडी, डडेल्धुरा आ कञ्चनपुर जिला के छोट-छोट नदी सभ में भी बहाव बढ़ के आकस्मिक बाढ़ आवे के संभावना रहल महाशाखा बतवले बा।
कोशी, नारायणी, बागमती, कर्णाली, महाकाली, कन्काई, कमला, बबई, पूर्वी आ पश्चिम राप्ती बेसिन के नदी सभ में अगिला तीन दिन तक पानी के सतह लगातार बढ़े के क्रम में रहे के अनुमान बा। एह कारण नदी किनार के बस्ती, निर्माणाधीन आयोजना आ सड़क आवत-जावत में विशेष सावधानी बरते के जल तथा मौसम विज्ञान विभाग आग्रह कइले बा।

