दोसर जनआन्दोलन के बाद नेपाल में संघीयता के नींव डाले के काम मधेश से शुरू भइल रहे। तराई–मधेश से उठल राज्य के विभेद के खिलाफ आंदोलन के बल पर आज नेपाल में संघीयता मजबूती से खड़ा बा। नया संविधान लागू भइला के बाद मधेश समेत सातों प्रदेश मे संघीय व्यवस्था के अभ्यास हो रहल बा।
देश में तीन तह के सरकार सक्रिय बा। एह सरकारन के जवाबदेह बनावे आ खबरदारी करे के जिम्मेदारी राज्य के चौथा अंग माने जाएवाला मीडिया आ पत्रकार लोग के काँधा पर बा। संघीयता से कई गो नीमन अभ्यास शुरू भइल बा, बाकिर समस्या आजो खत्म नइखे भइल। भ्रष्टाचार, अनियमितता, असुरक्षा आ विभेद जइसन चुनौती अबहियों सामने बा।
संघीयता के नींव रखे में अग्रणी भूमिका निभावेवाला मधेश प्रदेश के अबहियों केन्द्र सरकार अलग नजर से देखल आरोप लागत बा। बजट बाँटे से लेके विकास के पूर्वाधार, शिक्षा, स्वास्थ्य जइसन बुनियादी क्षेत्र में मधेश के उपेक्षा महसूस कइल जात बा। सीमा सुरक्षा के जिम्मेदारी उठावे वाला मधेश के जनता के नागरिकता जइसन संवेदनशील मुद्दा पर राज्य से अन्याय सहन करेके पड़ल बा।
देश के अन्न भंडार कहल जाए वाला मधेश बाढ़, डुबान, मरुभूमिकरण आ पानी के कमी जइसन समस्या भी झेलत बा। एतना चुनौती के बावजूद मधेश में संभावना आ अवसर के दरवाजा भी खुलत जा रहल बा। विकास के रफ्तार बढ़त बा, एह घरी राज्य के निकाय आ नेतृत्व के मजबूत ढंग से खबरदारी करे वाला माध्यम के जरूरत और बढ़ गइल बा।
आज मधेश में रेडियो, टेलिभिजन, अखबार आ ऑनलाइन मीडिया के विस्तार हो रहल बा। बाकिर मधेश के आवाज राज्य के हर तह तक पहुँचावे, जनता के समस्या उठावे आ भ्रष्टाचार पर नजर रखे खातिर अबहियों सशक्त मंच के जरूरत बा। सांस्कृतिक, जातीय आ सामाजिक विभेद के खिलाफ जागरूकता फैलावे के भी जरूरत बा। नेपाल के तेसर भाषा भोजपुरी के प्रति आजो मायभा मतारी के जइसन व्यवहार बा। भोजपुरी भाषा के आजो गंवार, देहाती भाषा मानेवाला कुछ तुच्छ मानसिकता के लोग बा ।
आपन भाषा, पहिचान, संस्कृति जइसन बुनियादी बात खातिर मधेश मे दु-दु गो भारी आंदोलन भइल। तेकरा बावजुद भी मधेश मे रहल निजी पाठशालन मे लइकन के भोजपुरी भाषा मे बतियइला पर दण्डित कइल जाला।
मास्टर केहु जदि भोजपुरी भाषा मे बात करता त नसियत दियाला। मधेश मे दु-दु गो जनआन्दोलन काहे भइल आजो बुझल मुस्किल बा। जब पहिचान खातिर भइल त दण्डित होखेवाला स्थिति काहे बा। ई सब चेतना के कमी ह। जेकरा खातिर सशक्त रुपसे आवाज उठावल जरुरी बा। जेकर विडा भोजपुरी पाती उठवले बा आ सभकर साथ के अपेक्षा भी करता।
खुला सीमा वाला विशाल पड़ोसी देश से मधुर संबंध बनल रहे, एह पर भी हमनी के सजग रहे के बा। जनकपुर जइसन धार्मिक आ सांस्कृतिक शहर आ देश के आर्थिक राजधानी कहल जाए वाला वीरगञ्ज के समेटले मधेश अबहियों शिक्षा, गरीबी, पिछड़ापन, भ्रष्टाचार आ विभेद जइसन समस्या से जूझत बा।
नेपाल में संघीयता के मजबूत करे में अग्रणी भूमिका निभावेवाला मधेश के अब हर क्षेत्र से मजबूत बनावल जरूरी बा। असुरक्षा, तस्करी आ अपराध भी ए प्रदेश के चुनौती बा। एह सब मुद्दा पर डट के आवाज उठावे के जरूरत बा। बहुसांस्कृतिक आ धार्मिक पहचान मधेश के खासियत ह। धार्मिक आ सामाजिक सद्भाव के कायम रखत मधेश के देश के अग्रणी प्रदेश बनावे में मीडिया के अहम भूमिका हो सकेला।
भौगोलिक आ सांस्कृतिक विविधता से भरल मधेश के विकास यात्रा में एगो ईंट जोड़े के नीयत से हमनी आइल बानी। मधेश प्रदेश में ऑनलाइन मीडिया के विस्तार होत घरी हमनी भी एह यात्रा में शामिल होखे के संकल्प लेके रउआ सभनी के बीच आइल बानी सन।
हमनी भोजपुरी पाती दैनिक डटकम के माध्यम से खाली खबर ना परोसीलें, बल्कि तीनों तह के सरकार आ राज्य के हर अंग के जिम्मेवार बनावे खातिर खबरदारी भी करब। स्थानीय मुद्दा के केन्द्र तक आ केन्द्र के निर्णय के जनता के दुआर तक ले जाए के सेतु बने के प्रयास करेबसन।
गाँव–गाँव इंटरनेट पहुँच चुकल बा, एहसे ऑनलाइन सामग्री के विश्वसनीयता बनावल हमनी के प्राथमिकता रही। नेपाल के प्रवेशद्वार वीरगञ्ज शहर से संचालन करत हमनी स्थानीय जनजीवन के मुद्दा उठाइब आ राज्य के निकायन के जवाबदेह बनावे के प्रण लेत बानी।
एह अभियान में समूचा प्रदेशवासी के साथ, सहयोग आ हौसला के हमनी के अपेक्षा बा। मिलके मधेश के आवाज मजबूत बनावल जाव ।

