काठमांडू । जनता समाजवादी पार्टी (जसपा) नेपाल के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव असोज ३ गते के संविधान दिवस के विरोध के रूप में मनावत चाडपर्व खतम भइला के बाद जनजीविका आ संविधान में संशोधन के मुद्दा पर आन्दोलन शुरू करे के बतवले बाड़न। पत्रकार लोग से बातचीत के दौरान अध्यक्ष यादव ई बात कहले।
यादव के दावा बा कि संविधान जारी करे के समय जनचाहना आ अन्तरिम संविधान में भइल सहमति के उल्टा दमन के सहारा लेके संविधान जारी कइल गइल, एहसे ई संविधान अधूरा बा। यादव कहले, “संविधान जारी होत समय एक ओर बत्ती जरावल गइल रहे, त दूसरी ओर मधेश में लाखों लोग काला दिवस मनवले रहे। अब त बत्ती जरावे वाला लोग भी एह संविधान के जिम्मेदारी लेवे से पीछे हट रहल बा। एहसे संविधान में संशोधन, परिमार्जन आ जरूरत पड़ला पर पुनर्लेखन कइला से ही सभे के अपनापन कायम हो सकेला।”
अध्यक्ष यादव के मुताबिक, असोज ३ गते एकीकृत मोर्चा के आयोजन में वीरगञ्ज के टाउन हल में संविधान के कमी-कमजोरी आ संशोधन के जरूरत पर बड़हन बहस आ विचार गोष्ठी आयोजित होई।
वर्तमान सरकार पर टिप्पणी करत यादव कहले कि सरकार चुनाव से पहिले कइल आपन प्रतिबद्धता पूरा नइखे कर पवले आ देश में शिक्षा, स्वास्थ्य आ अर्थतंत्र के हालत खराब हो गइल बा। पिछिला चार महीना में ७५ हजार युवा वैदेशिक रोजगारी खातिर जाए पर मजबूर भइल बाड़ें, ई आँकड़ा पेश करत ऊ कहले, “हमनी सरकार के खबरदारी करे के कोशिश कइनी ह। तिहार आ छठ के बाद हमनी वैचारिक आन्दोलन आ जनचेतना कार्यक्रम लेके जनता के बीच जइब।”
पिछिला चुनाव में मधेसवादी दलन के कमजोर उपस्थिति के बारे में पूछला पर यादव कहले कि अपना कमजोरी सभे के सुधार के आगे बढ़ल जाई। आगामी प्रदेश आ स्थानीय तह के चुनाव में समावेशी लोकतन्त्र, खेती के आधुनिकीकरण, गरीबी, महँगी, बेरोजगारी पर नियंत्रण आ विभेद के अन्त जइसन जनता से सीधा जुड़ल मुद्दा लेके जनता के बीच जाए के जसपा नेपाल के तैयारी बा।

