काठमाण्डौ – अमेरिका–इजरायल आ इरान के बीच चल रहल युद्ध से खाड़ी देशन में काम करत नेपाली मजदूर लोग में सुरक्षा के चिंता बढ़ गइल बा। जवन–जवन देश में अमेरिकी सैन्य क्याम्प बा, उ लगभग सभे जगह पर इरान जवाबी हमला करत बा।
खाड़ी देश जइसे साउदी, कतार, कुवेत, यूएई, बहराइन, ओमान आदि में करीब 19 लाख नेपाली काम करत बाड़ें। ओह देशन के हवाई अड्डा, रिहायशी बिल्डिंग, होटल, तेलखानी जइसन महत्वपूर्ण जगह पर होत हमला से उहां रहत कुछ मजदूर अपने के असुरक्षित महसूस करत बाड़ें।
अगर तुरंत युद्ध ना रुकल त हालात अउरी कठिन हो सकेला। परराष्ट्र मंत्रालय बतवले बा कि खाड़ी देशन के स्थिति पर लगातार नजर राखल जा रहल बा। एह हालात में आपन सुरक्षा के पहिला प्राथमिकता देवे के श्रम आ द्वन्द्व प्रबंधन विशेषज्ञ मीना पौडेल सलाह दिहले बाड़ी। ऊ कहली कि अपने के सुरक्षित रखीं, साथी लोग आ संबंधित दूतावास से लगातार संपर्क में रहीं।
विशेषज्ञ पौडेल के अनुसार, स्थानीय सरकार आ काम के जगह के नियम, साथे दूतावास से जारी निर्देश के पालन बहुत जरूरी बा। जवन देश में बानी, ओह देश के कानून के जानकारी राखीं, रोजगारदाता आ कार्यस्थल के नियम मानीं, जवन जानकारी होखे ऊ साथी लोग से साझा करीं, नेपाल में रहत परिवार आ संबंधी लोग से संपर्क में रहीं, सोशल मीडिया पर फैलत अफवाह पर भरोसा मत करीं, आ अगर कवनो दिक्कत होखे त तुरंत संबंधित दूतावास के जानकारी दीं।
परराष्ट्र मंत्रालय भी अपील कइले बा कि जहां तक संभव होखे घर के अंदर रहीं, सतर्क रहीं आ नेपाली समुदाय से नियमित संपर्क बनवले रहीं। मंत्रालय कहले बा कि संबंधित निकाय के पूर्व अनुमति बिना अनावश्यक यात्रा मत करीं आ परराष्ट्र मंत्रालय या संबंधित देश में मौजूद नेपाली दूतावास से संपर्क में रहीं। अलग–अलग देश में मौजूद नेपाली दूतावास भी स्थानीय कानून के पालन आ सुरक्षा निर्देश मानेला के आग्रह कइले बा। सरकार फैसला कइले बा कि द्वन्द्व प्रभावित देश में रहत नेपाली नागरिकन के ओही जगह सुरक्षित रखल जाई।

