राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) के वरिष्ठ नेता बालेन्द्र शाह (बालेन) प्रतिनिधि सभा सदस्य चुनाव में झापा–५ से पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के लगभग ५० हजार मत से हरावत ऐतिहासिक जीत हासिल कइले बाड़न।
निर्वाचन परिणाम अनुसार बालेन के ६८ हजार ३ सय ४८ मत मिलल, जबकि ओली के १८ हजार ७ सय ३४ मत मिलल। जेन–जी आन्दोलन के बाद भइल ई चुनाव के अंतरराष्ट्रीय मीडिया भी खास महत्व के साथ कवर कइलस, आ बालेन शाह के भावी प्रधानमंत्री के उम्मीदवार के रूप में केंद्र में राखल गइल।
ब्रिटिश समाचार एजेंसी रोयटर्स बतवलस कि “नया शैली के चुनावी अभियान: बालेन शाह के सत्ता के नजदीक ले जात रास्वपा” शीर्षक से समाचार प्रकाशित कइल गइल, जेमें रास्वपा के अभियान के पारंपरिक राजनीति के चुनौती के रूप में देखा गइल बा। समाचार में युवा-केंद्रित रणनीति, सोशल मीडिया के व्यापक इस्तेमाल आ विदेश में रहत नेपाली लोग के आर्थिक सहयोग के कारण अभियान देशभर चर्चा में रहल, कहल गइल बा।
रोयटर्स के अनुसार रास्वपा के चुनावी अभियान के केंद्र में ‘रिसर्च, स्ट्रैटेजी आ डकुमेंटेशन विभाग’ रहल, जेमें करीब ३०० कार्यकर्ता तीन राष्ट्रीय समूह में बंट के रणनीति बनावल, सभा-रैली आयोजित कइल, ऑनलाइन सामग्री तैयार कइल आ जनप्रतिनिधियन के प्रतिक्रिया संकलन कइल। पार्टी के ६६० सदस्यीय सोशल मीडिया टीम बालेन के भाषण आ कार्यक्रम देशभर फैलावे में सक्रिय रहल।
बीबीसी वर्ल्ड सर्विस बालेन शाह के ‘रैपर-राजनेता’ के रूप में पेश करत “नेपाल के आगामी प्रधानमंत्री बने के राह पर” शीर्षक से समाचार प्रकाशित कइलस। चुनावी अभियान में बालेन गाड़ी के सनरूफ से समर्थकन के हाथ मिलावत फोटो भी प्रकाशित भइल, जे नेपाल के राजनीतिक दिशा में बड़ा बदलाव के संकेत बतावल गइल।
फाइनेंशियल टाइम्स से बातचीत में बालेन कहलन, “हम पूरा नेपाल खातिर उम्मीदवार बानी”, जेसे उनकर कोशिश रहल कि ऊ खुद के सिर्फ एगो निर्वाचन क्षेत्र से ना बल्कि देशव्यापी प्रतिनिधि के रूप में देखावस।
भारतीय मीडिया टाइम्स ऑफ इंडिया “केपी शर्मा ओली के अपने इलाका में हरावत बालेन शाह विजयी, नेपाल के सबसे जवान प्रधानमंत्री बने के तैयारी” शीर्षक से खबर प्रकाशित कइलस।
भारत के समाचार एजेंसी ANI भी ओली द्वारा बालेन के बधाई देवे के खबर प्राथमिकता से प्रकाशित कइलस, आ बालेन के बड़ मत अंतर से जीत के बाद प्रतिनिधि सभा में प्रवेश आ प्रधानमंत्री बने के संभावना मजबूत बतावल गइल।
एशोसिएटेड प्रेस (एपी) बालेन शाह के उदय के नेपाली राजनीति में नया पीढ़ी के आगमन आ बदलाव के संकेत मानत बा। पारंपरिक राजनीतिक दलन के प्रति बढ़त जनआक्रोश आ बदलाव के चाहत के परिणामस्वरूप उनकर विजय भइल, अंतरराष्ट्रीय मीडिया के विश्लेषण में कहल गइल।
ई चुनाव नेपाल के राजनीतिक इतिहास में नया अध्याय शुरू करे के संकेत दिहलस।

