काठमांडू। प्रतिनिधि सभा चुनाव में मधेस केंद्रित दलन के उम्मीद से कमजोर आ निराशाजनक प्रदर्शन के बाद संघीय लोकतांत्रिक मोर्चा के महत्वपूर्ण बैठक बबरमहल में शुरू हो गइल बा।
बबरमहल स्थित पूर्व लोसपा नेपाल के पार्टी कार्यालय में चल रहल एह बैठक के मधेस के राजनीति में नया मोड़ के रूप में देखल जा रहल बा। चुनाव के बाद पहिला बेर औपचारिक रूप से जुटल मोर्चा से जुड़ल दल अब ई समीक्षा करत बाड़े कि मधेस के अपना मजबूत इलाका में भी हार काहे झेले के पड़ल।
बतावल जा रहल बा कि बैठक में नया राजनीतिक शक्तिन के उदय आ परंपरागत मधेसी मुद्दा पर मतदाता के बदलत रुझान पर नेता लोग के बीच जोरदार बहस हो रहल बा।
हार के बाद नया रणनीति पर चर्चा
बैठक में शामिल नेता लोग चुनाव में भइल हार के राजनीतिक आ तकनीकी कारण खोजत बाड़े। मोर्चा के प्रारंभिक निष्कर्ष बा कि मधेसवादी दल अगर एकजुट रहितन आ मुद्दा पर साफ रणनीति बनावत, त परिणाम कुछ अलग हो सकत रहे।
बैठक में खाली हार के समीक्षा ही ना, बल्कि संसद में मधेस के मुद्दा के मजबूत तरीके से कइसे उठावल जाए, एह पर भी चर्चा हो रहल बा। राष्ट्रीय राजनीति में मधेस केंद्रित दलन के घटत प्रभाव के देखते मोर्चा के फेर से संगठित करे आ जनता के भरोसा वापस जीते के रणनीति बनावल जा रहल बा।
आगे के रास्ता पर निर्णय के उम्मीद
बबरमहल में चल रहल एह बैठक से उम्मीद बा कि मधेस केंद्रित दलन के मोर्चाबंदी के अउरी मजबूत करे या नया रूप में आगे बढ़े पर ठोस फैसला हो सकेला।
खास तौर पर संसद में राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) जइसन नया राजनीतिक शक्ति के मजबूत उपस्थिति आ मधेस के पुरान दलन के कमजोर प्रदर्शन के बाद मोर्चा अब गंभीर आत्मसमीक्षा करत बा।
बैठक के बाद मोर्चा अपने आगामी कार्यक्रम, राजनीतिक रणनीति आ सत्ता समीकरण में अपन रुख के बारे में आधिकारिक बयान जारी करे के तैयारी में बा।

