वीरगंज। प्रभु साह, जे आम जनता पार्टी के केन्द्रीय अध्यक्ष आ पूर्वमंत्री हउअन, कहले बाड़न कि प्रतिनिधि सभा के समानुपातिक सूची में मधेशी दलित समुदाय के शून्य स्थान दिहल गइल सामाजिक भेदभाव आ बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना ह।
अध्यक्ष साह कहले, “दलित समुदाय के भीतर भी सबसे ज्यादा उपेक्षित मधेशी दलित के पूरा तरह नजरअंदाज कइल सामाजिक न्याय आ समावेशी लोकतंत्र के सिद्धांत के खिलाफ बा। एहसे खाली समुदाय ही पिछड़ेला ना, बल्कि हमरा संवैधानिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा हो जाला।”
उहाँ कहले कि नया दल होखे चाहे पुरान दल, दुन्नो में मधेशी दलित के प्रतिनिधित्व के मामला में खास फर्क नइखे लउकत। उनका मुताबिक सबे राजनीतिक दल मधेशी दलित के उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करे में असफल रहल बाड़ें। साह के अनुसार, एह तरह के भेदभाव देश के लोकतांत्रिक अभ्यास आ संवैधानिक संरचना खातिर गंभीर चुनौती बन सकत बा।
अध्यक्ष साह सब राजनीतिक दल से अपील कइले बाड़न कि मधेशी दलित समुदाय के अधिकार आ प्रतिनिधित्व सुनिश्चित कइल जाव। साथे ही राज्य के हर निकाय में समान अवसर आ सम्मानजनक सहभागिता सुनिश्चित करे पर जोर दिहले बाड़न।

