काठमांडू । राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी के उपसभापति डॉ. स्वर्णिम वाग्ले नवनिर्वाचित सांसद लोग के सख्त निर्देश दिहलन कि जनता जे ऐतिहासिक मत दिहले बा, ओकरा के हल्का में ना लिहल जाव आ गहिर जिम्मेदारी के साथ आपन कार्यक्षेत्र में लागल जाव।
ललितपुर के ग्वार्को में आयोजित नवनिर्वाचित सांसद लोग खातिर तीन दिने अभिमुखीकरण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में बोलत, वाग्ले कहलन कि अब के यात्रा ‘बैक टु कॉलेज’ जइसन रही आ सांसद लोग के फेर से अध्ययन के चरण में प्रवेश करे के पड़ी। खास करके पार्टी के वाचापत्र के बार–बार पढ़े आ समझे के सुझाव दिहलन आ प्रणाली बदलाव खातिर वैचारिक स्पष्टता जरूरी बा, एह पर जोर दिहलन।
वाग्ले सांसद लोग से कहलन कि संसद में आपन भूमिका केवल संख्या तक सीमित मत राखीं, बल्कि ठोस योजना बनाके आगे बढ़ीं। आर्थिक आ राजनीतिक रूप से अस्तव्यस्त देश में जनता भारी म्यान्डेट दिहले बा, एहसे बहुमत के जिम्मेदारी सजगता से उठावल जरूरी बा। व्यक्तिगत स्वार्थ या छोट–छोट समस्या में उलझे के बजाय पूरा प्रणाली में सुधार ले आवे खातिर कानून बनावे पर ध्यान दीहल जाव।
उहाँ कहले कि विधायक के मुख्य काम कानून बनावल होखो, लेकिन सरकार के कामकाज पर बारीकी से नजर राखे वाला ‘वाचडॉग’ के भूमिका निभावल जरूरी बा।
अपना निर्वाचन क्षेत्र के जनता के शिकायत के जोरदार ढंग से सदन में उठावल जाव आ विकास निर्माण के जनता के अपेक्षा पूरा करे खातिर ‘हुटहुटी’ के साथ आगे बढ़ल जाव। नया सरकार के काम पर नजदीकी नजर राखत, जनपक्षीय मुद्दा में समझौता ना करे के मार्गदर्शन वाग्ले नवनिर्वाचित सांसद लोग के दिहलन।

