काठमाडौं । उपराष्ट्रपति रामसहाय प्रसाद यादव कहलन कि मुस्लिम समुदाय के अधिकार, प्रतिनिधित्व आ सशक्तिकरण खातिर काम करत मुस्लिम आयोग के सात साल के उपलब्धि काफी महत्वपूर्ण आ सराहनीय बा।
शनिचर के मुस्लिम आयोग के सातवाँ स्थापना दिवस २०८२ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बोलत उपराष्ट्रपति यादव नेपाल के संविधान में सुनिश्चित समानता, न्याय आ समावेशी संघीय लोकतांत्रिक गणतंत्र के मूल्य के व्यवहार में उतारे में आयोग के भूमिका के उच्च मूल्यांकन कइलन। ऊ कहलन कि आयोग सात साल में संविधान के भावना के साकार करे में उल्लेखनीय योगदान देले बा।
उपराष्ट्रपति यादव बतवलन कि संविधान के धारा २७ आ २६४ के तहत मुस्लिम आयोग के स्थापना भइल, जवन के मुख्य उद्देश्य मुस्लिम समुदाय के हक-हित के संरक्षण, संवर्द्धन आ सशक्तिकरण खातिर सरकार के नीतिगत, कानूनी आ संस्थागत सुझाव देहल बा।
ऊ कहलन कि आयोग लगातार संविधान से मिले अधिकारन के व्यवहार में लागू करत बा आ मुस्लिम समुदाय के राज्य के संरचना में मजबूत बनावे के प्रयास जारी बा।
सात साल के अवधि में आयोग शिक्षा, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सद्भाव आ सांस्कृतिक विकास जइसन क्षेत्र में कई कार्यक्रम चलवले बा। एहसे मुस्लिम समुदाय के सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार आ राष्ट्रीय जीवन में समावेशिता मजबूत भइल बा।
कार्यक्रम में कोशी प्रदेश के प्रदेश प्रमुख पशुराम खापुङ, सुदूरपश्चिम के नजिर मियाँ, गण्डकी के डिल्लीराज भट्ट आ बागमती के दिपक प्रसाद देवकोटा शुभकामना देत आयोग के काम के सराहना कइलन।
प्रदेश प्रमुख लोग जोर देलन कि मुस्लिम समुदाय के सामाजिक, सांस्कृतिक आ आर्थिक सशक्तिकरण खातिर आयोग के भूमिका आगे भी मजबूत बनावल जरूरी बा।
उपराष्ट्रपति यादव कहलन कि आयोग के भूमिका खाली मुस्लिम समुदाय तक सीमित ना बा, बल्कि पूरा समाज में समावेशीकरण आ समान अवसर के बढ़ावा देवे में भी महत्वपूर्ण बा। ऊ समावेशी लोकतंत्र आ न्यायपूर्ण समाज बनावे खातिर अइसन आयोगन के काम के प्रभावी आ दीर्घकालीन बनावे पर जोर देलन।
कार्यक्रम में आयोग के पदाधिकारी, कर्मचारी आ विभिन्न समुदाय के प्रतिनिधि लोग के सहभागिता रहल।

