जापान के राजधानी टोकियो स्थित चीन के दूतावास में जापानी आत्मरक्षा बल के एगो सदस्य के अवैध रूप से घुस जाए के घटना से जापान आ चीन के बीच संबंध में अउरी तनाव बढ़ गइल बा।
जापान सरकार के मुख्य प्रवक्ता मिनोरु किहारा एह घटना के ‘दुखद’ बतावत कहले बाड़न कि अब जांच शुरू कर दिहल गइल बा। ऊ कहले कि कानून लागू करे वाला संस्था के सदस्य के एमें शामिल होखल बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बात बा।
प्रहरी के अनुसार, २३ साल के कोडाई मुराता के मंगर सबेरे दूतावास परिसर में घुसते ही गिरफ्तार कइल गइल। शुरुआती जांच में ऊ बतवले कि ऊ दूतावास के राजदूत से मिलके कड़ा टिप्पणी ना करे के अनुरोध करे चाहत रहले, आ अगर बात ना मानल जात त आत्महत्या करके ध्यान खींचे के योजना बनवले रहले।
घटनास्थल से एगो छुरी भी बरामद भइल, जवन से सुरक्षा के चिंता अउरी बढ़ गइल बा, एह बात के जानकारी एनएचके दिहले बा।
एह घटना पर प्रतिक्रिया देत चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान कहले कि बेइजिंग ‘गहिरा स्तब्ध’ बा। ऊ बतवले कि जापान के खिलाफ आधिकारिक रूप से कड़ा विरोध दर्ज करावल गइल बा आ अइसन घटना के गंभीरता से लेवे के आग्रह कइल गइल बा।
एह घटना से पहिले से संवेदनशील स्थिति में रहल दुनो देश के संबंध अउरी जटिल हो गइल बा। पिछला नवम्बर में जापान के प्रधानमंत्री साने ताकाइची ताइवान से जुड़ल संभावित स्थिति में जापान के भूमिका हो सकेला के संकेत दिहले रहले, जवन से टोकियो आ बेइजिंग के संबंध में ठंडापन आ गइल रहे।
चीन, ताइवान के आपन अभिन्न हिस्सा मानेला आ जरूरत पड़ला पर अलग-अलग विकल्प खुला रखे के बात कहत आइल बा, जवन से क्षेत्रीय सुरक्षा के चिंता लगातार बढ़त जा रहल बा।

